राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) और अजमेर पुलिस ने 12 मई को रोडवेज बस में नेपाल से चरस की तस्करी कर अजमेर पहुंचे दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। 1 करोड़ रुपए कीमत की 2 किलो 65 ग्राम चरस जब्त की गई। एटीएस और अजमेर पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों तस्कर 3 महीने पहले भी पुष्कर में चरस सप्लाई करके गए थे। दोनों को नेपाल से उनकी सरगना महिला तस्कर ने चरस सप्लाई के लिए भेजा था। पुष्कर में चरस किसे सप्लाई होनी थी, इसका अभी तक पता नहीं चला है। आशंका है कि विदेशियों को सप्लाई करने के लिए ये चरस मंगाई थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मामले में पकड़े गए नेपाल निवासी 2 तस्करों से पूछताछ में सामने आया कि ये लोग बस में बैठकर सफर करते थे। राजस्थान के पुष्कर के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों में भी नशे का सामान सप्लाई करते थे। कई महीनों तक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखने के बाद एटीएस तस्करों को पकड़ने में कामयाब हुई। नेपाल निवासी तस्कर खेमकुमार (40) और अजय राना (32) नेपाल से चरस की बड़ी खेप लेकर पुष्कर में सप्लाई करने आए थे। एटीएस ने रातभर उनका पीछा किया। एक बार तो जयपुर के पास ही दोनों तस्करों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। जिससे उनको ट्रैक कर पाना मुश्किल हो गया था। तस्करों की लोकेशन ट्रैक करते हुए एटीएस ने अजमेर जिला पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया। तस्कर डिलीवरी देने के लिए घूघरा घाटी में एमडीएस यूनिवर्सिटी के पास पहुंचे, जहां पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। तीन महीने पहले भी सप्लाई की थी चरस, सरगना महिला तस्कर आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि तीन महीने पहले भी पुष्कर में चरस की सप्लाई की थी। पहले दिल्ली में एक खेप डिलीवर की और फिर बाकी माल पुष्कर में सप्लाई करने आए थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पूर्व में भी महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों में चरस की सप्लाई कर चुके हैं। दोनों तस्करों को सरगना महिला तस्कर ने सप्लाई के लिए भेजा था। चरस का ऑर्डर किसने दिया औऱ किसको सप्लाई करनी होगी, ये सब महिला तस्कर की हैंडल करती है।

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