नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की हत्या के मामले में कोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व विधायक के भाई समेत 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कुचामन ADJ कोर्ट में जज सुन्दरलाल खरोल ने सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले शुक्रवार को कोर्ट ने जयपाल पूनिया हत्याकांड में पूर्व विधायक महेंद्र सिंह चौधरी के बड़े भाई मोती सिंह समेत 9 को दोषी करार दिया था, जबकि 2 आरोपियों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दरअसल, कुचामन-डीडवाना जिले के नावां कस्बे में 4 साल पहले नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बोलेरो में आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। ​9 दोषी, 2 को मिला संदेह का लाभ
एडीजे कोर्ट ने 9 आरोपियों ​रणजीत, ​मोती सिंह (तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह चौधरी के भाई), ​फिरोज खान, ​हारून, संदीप, ​तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार को हत्या का दोषी माना है। वहीं, 2 अन्य नामजद आरोपियों कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा के अनुसार, कोर्ट ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत शुक्रवार को दोषी करार दिया, लेकिन सजा पर फैसला सुरक्षित रखा था। आज सभी 9 आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास (उम्रकैद) के साथ 1-1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शनिवार को सजा के ऐलान को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया। कार के शीशे तोड़े और व्यापारी पर फायरिंग की
दरअसल, 14 मई 2022 को नावां सिटी में तहसील रोड पर रेलवे फाटक के पास जयपाल पूनिया की हत्या कर दी गई थी। बोलेरो गाड़ी से आए 4-5 हमलावरों ने व्यापारी की कार का रास्ता ब्लॉक कर दिया। इसके बाद कार से नीचे उतारकर गोलियों से भून दिया था। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भाग गए थे। पुलिस घायल व्यापारी को नावां हॉस्पिटल ले गई थी, जहां से डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया था। जयपुर ले जाते समय रास्ते में व्यापारी ने दम तोड़ दिया था। जांच में सामने आया था कि मर्डर से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर जयपाल पूनिया की रेकी की थी। इसके बाद रणजीत समेत 6 शार्प शूटर्स को लोकेशन देकर फायरिंग के लिए भेज था। फायरिंग के बाद शार्प शूटर्स भाग गए थे। जब जयपाल पूनिया को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया था, तो मोती सिंह ने उसका पीछा किया था। वह जानना चाह रहा था कि जयपाल जिंदा है या फिर मर गया। तीन दिन बाद आरोपियों को किया था गिरफ्तार
घटना के तीन दिन बाद 17 मई 2022 को पुलिस ने मोती सिंह सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) और क्राइम ब्रांच ने जांच आगे बढ़ाई और जून 2022 तक अन्य शूटरों और षड्यंत्रकारियों को पकड़ लिया था। कुछ आरोपी घटना के बाद फरार हो गए थे, जिन पर पुलिस ने इनाम घोषित किया था। बाद में उन्हें अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया था। पुलिस ने मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया था। इनमें से 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई थी। ये खबर भी पढ़ें… जयपाल पूनिया हत्याकांड में पूर्व विधायक का भाई दोषी करार:चार साल पहले हिस्ट्रीशीटर और नमक व्यापारी पर फायरिंग कर किया था मर्डर, कल सुनाई जाएगी सजा​ नमक कारोबारी की गोली मारकर हत्या:बोलेरो में आए थे 4-5 हमलावर, कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की