उत्तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल में सोमवार को टिकट जांच का बड़ा ‘मेगा फोर्ट्रेस चेकिंग अभियान’ चलाया गया। दौसा स्टेशन और वहां से गुजरने वाली ट्रेनों में सघन जांच के दौरान रेलवे टीम ने कुल 324 टिकट संबंधी मामले पकड़े और यात्रियों से 1 लाख 93 हजार 755 की पेनल्टी व किराया राशि वसूली। जयपुर मंडल के मुख्य टिकट निरीक्षक वोराराम ने बताया कि सीनियर डीसीएम भूपेश यादव और डीसीएम डॉ. जगदीश के निर्देश पर टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए 30 टिकट चेकिंग कर्मचारियों और 14 RPF जवानों की संयुक्त टीम लगाई गई थी। 17 ट्रेनों को चेक किया टीमों ने दौसा स्टेशन पर प्रवेश-निकास, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में एकसाथ जांच की। कुल 17 ट्रेनों को चेक किया गया। रेलवे का फोकस ऐसे यात्रियों पर था, जो बिना टिकट, गलत श्रेणी के टिकट या अन्य अनियमित तरीके से यात्रा कर रहे थे। दरअसल, दौसा जयपुर-दिल्ली रूट का महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में दैनिक यात्री जयपुर, बांदीकुई, अलवर और दिल्ली की तरफ सफर करते हैं। ऐसे में एक ही अभियान में 324 टिकट संबंधी मामले मिलना रेलवे की राजस्व सुरक्षा के लिहाज से अहम है। फोर्ट्रेस चेकिंग क्या है फोर्ट्रेस चेकिंग में रेलवे किसी स्टेशन को कुछ समय के लिए टिकट जांच के घेरे में लेता है। टिकट चेकिंग स्टाफ और RPF स्टेशन के प्रवेश-निकास, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में एकसाथ तैनात रहते हैं, ताकि जांच से बचकर निकलना मुश्किल हो जामा है।
