राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने के साथ ही भाजपा ने चुनावी रणनीति को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। स्थानीय चुनाव को लेकर भाजपा की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं को भी सौंपी है। इसी सिलसिले में भाजपा की केंद्रीय टीम जयपुर पहुंची और प्रदेश संगठन के साथ पंचायत एवं निकाय चुनाव की रणनीति को लेकर मंथन किया। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को हुई बैठक में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी मुख्य चुनाव प्रभारी के तौर पर शामिल हुए। उनके साथ सह-प्रभारी चंद्रशेखर बावनकुले, रविंदर इंद्राज सिंह, संगीता यादव, गजेंद्र सिंह पटेल और रोहन गुप्ता भी बैठक में मौजूद रहे। साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी मौजूद रहे। बैठक में पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों, संगठन की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। खास बात यह रही कि पार्टी ने इस बार GenZ यानी नई पीढ़ी के मतदाताओं और युवा चेहरों पर विशेष फोकस करने की रणनीति तैयार की है। स्थानीय पकड़ और छवि के आधार पर मिलेगा टिकट भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- पार्टी जन अपेक्षाओं के अनुरूप उम्मीदवारों का चयन करेगी। उन्होंने कहा- जिस व्यक्ति की अपने क्षेत्र में प्रभाव है, जिसकी छवि अच्छी है। जो सेवा की भावना के साथ राजनीति में सक्रिय है, उसे चुनाव में अवसर दिया जाएगा। राठौड़ ने कहा- टिकट वितरण में किसी तरह का पक्षपात या भेदभाव नहीं होगा। उम्मीदवार तय करते समय संबंधित वार्ड या क्षेत्र का आरक्षण, स्थानीय समीकरण और जीत की संभावना को प्रमुखता से देखा जाएगा। पार्टी का प्रयास रहेगा- ऐसा प्रत्याशी मैदान में उतारा जाए। इसकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो और जो जनता के बीच सक्रिय रहा हो। बैठक में संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल के अलावा प्रदेश चुनाव समन्वय समिति, संभाग चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी सहित करीब 50 वरिष्ठ नेता शामिल हुए। युवा और नई पीढ़ी के चेहरों पर नजर इस बार भाजपा की रणनीति में युवा चेहरों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। पार्टी स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं और नई पीढ़ी के प्रभावी चेहरों को चुनावी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है। इसके पीछे पार्टी का उद्देश्य युवा मतदाताओं के साथ अपना जुड़ाव और मजबूत करना है। बैठक में इस पर भी जोर दिया गया कि GenZ मतदाताओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और स्थानीय मुद्दों को चुनावी रणनीति में शामिल किया जाए। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय युवा कार्यकर्ताओं को भी पार्टी चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका दे सकती है। महिलाओं को भी टिकट में प्राथमिकता भाजपा की चुनावी रणनीति में महिलाओं को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। मदन राठौड़ ने कहा- आरक्षित महिला सीटों पर महिलाओं को ही मौका दिया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी प्रभावी महिला नेताओं को सामान्य सीटों से भी चुनाव लड़ाने पर विचार कर सकती है। इस रणनीति के जरिए भाजपा स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में महिला मतदाताओं के साथ-साथ महिला कार्यकर्ताओं को भी ज्यादा सक्रिय भूमिका देने की तैयारी में है। पार्टी का जोर ऐसे महिला उम्मीदवारों पर रहेगा, जिनकी क्षेत्र में सामाजिक सक्रियता और स्वीकार्यता मजबूत है। सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की तैयारी मदन राठौड़ ने कहा- पार्टी के उम्मीदवारों में युवा, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों का समावेश होगा। टिकट वितरण में केवल राजनीतिक समीकरणों के बजाय सामाजिक प्रतिनिधित्व और जीत की संभावना को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा- भाजपा का लक्ष्य ऐसे उम्मीदवारों को आगे लाना है, जो स्थानीय स्तर पर जनता के बीच लगातार सक्रिय रहे हैं और क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े हुए हैं। बैठक में अलग-अलग संभागों की चुनावी स्थिति, संगठन की तैयारियों, संभावित उम्मीदवारों और स्थानीय स्तर पर पार्टी की मजबूती को लेकर फीडबैक लिया गया। संभाग चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों से भी उनके क्षेत्रों की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई।
