दृश्यम 2 में भी गायतोंडे का शक खत्म नहीं होता. परिवार के तमाम मुश्किलों से निकल जाने के बावजूद वह केस को छोड़ने को तैयार नहीं होता. उसे यकीन रहता है कि विजय ने सबूतों के साथ ऐसा खेल खेला है कि वह कानून की पकड़ से बच गया. यही जिद धीरे-धीरे गायतोंडे की तलाश को और निजी बना देती है.
