राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए बुधवार से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं पोर्टल पर आवेदन करते समय तकनीकी खामियां आ रही हैं। आवेदन कर रहे कई वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें नए आवेदकों को भी सिस्टम पहले से आवेदन किया हुआ बता रहा है। लोगों ने कहा- पोर्टल पर जनआधार नंबर दर्ज कर दूसरी जानकारी भरते हैं। इसके बाद फॉर्म सबमिट करने की कोशिश करते हैं तो स्क्रीन पर मैसेज दिखाई देता है- “यह सदस्य पहले ही आवेदन कर चुका है। नियमानुसार एक सदस्य जीवन में केवल एक ही बार आवेदन कर सकता है।” जबकि कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहले कभी इस योजना में आवेदन नहीं किया। पोर्टल पर आवेदन अटकने से बढ़ी परेशानी तकनीकी दिक्कत के कारण कई वरिष्ठ नागरिक आवेदन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ई-मित्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे। इससे बुजुर्गों और उनके परिजनों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई आवेदकों ने बताया- पोर्टल पर जनआधार नंबर डालने के बाद डेटा खुल रहा है, लेकिन अंतिम चरण में सिस्टम आवेदन रिजेक्ट कर रहा है। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ है या नहीं। 10 जून तक चलेगी आवेदन प्रक्रिया देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलेगी। योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। केवल ऑनलाइन हो रहे आवेदन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। देवस्थान विभाग के पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के जरिए आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदन के लिए जनआधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। पहले लाभ लेने वाले नहीं हैं पात्र योजना के नियमों के अनुसार जो व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता। इसी आधार पर पोर्टल में आवेदन करते समय सिस्टम पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। हालांकि अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी पहले से लाभ ले चुका बताया जा रहा है। विभाग के अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे समाधान देवस्थान विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर-प्रथम जयपुर रतन लाल ने बताया- यदि आवेदन के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है तो विभाग की ओर से टेक्निकल टीम से संपर्क कर उसका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा- जिन लोगों का पहले कभी चयन हुआ था और विभाग की ओर से कॉल जाने के बावजूद उन्होंने यात्रा नहीं की, उनके पास इस तरह का मैसेज आ सकता है। हालांकि यदि पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी यह समस्या आ रही है तो मामले की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा।