बारां में अवैध मादक पदार्थ तस्करी में शामिल हेड कॉन्स्टेबल शंकरराम को राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वह परिचित तस्करों को अफीम डोडा चूरा नागौर भिजवाने में मदद करता था। मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रहा था। एसपी ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया- यह मामला 29 अक्टूबर 2025 को बारां सदर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। इसमें एक डस्टर कार से 97 किलो 110 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा जब्त किया गया था। मामले की जांच अटरू थाना पुलिस द्वारा की गई थी। जांच में अंतरराज्यीय तस्करों से संपर्क हुए साबित अनुसंधान और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि पुलिस लाइन बारां में तैनात हेड कॉन्स्टेबल शंकरराम के अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करों से संपर्क थे। आरोप है कि वह अपने परिचित तस्करों को अफीम डोडा चूरा नागौर भिजवाने में मदद करता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर शंकरराम की संलिप्तता प्रमाणित हुई। नोटिस जारी करने के बावजूद चल रहा था फरार कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी हेड कॉन्स्टेबल फरार हो गया और लगातार अनुपस्थित चल रहा है। विभाग की ओर से नोटिस जारी कर ड्यूटी पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए, लेकिन सुराग नहीं लगने पर कोर्ट से पुलिस एक्ट की धारा 37 के तहत गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया गया। यह लिखा बर्खास्तगी आदेश में एसपी ने बताया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल शंकरराम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तस्करों से मिलीभगत की और कानून की पालना कराने वाले विभाग की छवि धूमिल की। विभागीय जांच में उसका आचरण गंभीर अनुशासनहीनता और नैतिक पतन की श्रेणी में पाया गया। ऐसे कर्मचारी को सेवा में बनाए रखना पुलिस विभाग के लिए उचित नहीं माना गया। इसी आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से राज्य सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस विभाग के अनुसार शंकरराम लगातार फरार चल रहा है और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से बच रहा है। विभाग ने इसे राजस्थान सेवा नियम 1951 के नियम 86 का उल्लंघन माना है। आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट की पालना में दबिश दी जा रही है।