डकैत जगन गुर्जर की हत्या के विरोध में परिवार वालों का अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर चल रहा धरना 12 घंटे बाद खत्म हो गया। प्रशासन की ओर से जगन के परिजनों की मांगों पर सहमति जताई है। इसमें जगन के परिवार को सुरक्षा देने समेत 5 मांगें शामिल हैं। जेएलएन अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर डकैत जगन गुर्जर के बेटे आसाराम सहित परिवार और समाज के लोग मंगलवार सुबह 7 बजे से धरना दे रहे थे। इसके बाद शाम 7 बजे तक 12 घंटे तक यह धरना चला। डकैत जगन गुर्जर के दोस्त प्रहलाद सिंह ने धरना स्थल पर सभी परिजनों को मांग पत्र पढ़कर सुनाया। इसके बाद बेटे ने सहमति जाहिर करते हुए धरने को समाप्त कर दिया। आसाराम ने बताया- पिता जगन गुर्जर का बुधवार को धौलपुर के भवुतीपुरा में अंतिम संस्कार होगा। इससे पहले जगन के बेटे आसाराम ने कहा था- मैं जगन गुर्जर का खून हूं..मैं घर में घुसकर मारना भी जानता हूं..और जेल में भी मारना जानता हूं, इसका जवाब फिर सरकार देगी। परिजन मांगों को लेकर लिखित आश्वासन देने पर अड़े थे। आसाराम ने आरोप लगाया था कि पूरी प्लानिंग के तहत पिता का मर्डर किया गया। शक किसी पर नहीं है, लेकिन एक व्यक्ति पिता की हत्या नहीं कर सकता। कहां आरोपी 30 किलो का और मेरे पिता हट्‌टे-कट्‌टे इंसान थे। सेवर जेल में पिता को मारने की साजिश हुई थी। तब पिता 15 लोगों पर भारी पड़ गए थे। इसमें पूरी जेल प्रशासन की मिलीभगत है। इधर, जेल उपाधीक्षक भंवर सिंह समेत ड्यूटी पर मौजूद जेलकर्मियों के बयान दर्ज किए गए। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। वह धौलपुर के डांग के भवुतीपुरा का रहने वाला था। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…