जोधपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल (MGH) में मरीज को वार्ड में बेड नहीं देने का मामला इतना बढ़ गया कि रेजिडेंटस डॉक्टर्स से नाराज नर्सिंग स्टाफ काम छोड़कर चले गए। इसके बाद सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां उनसे समझाइश की। मामला गुरुवार को महात्मा गांधी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में दोपहर 1 बजे का है। हालांकि, रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष की समझाइश के बाद नर्सिंगकर्मी फिर से काम पर लौट गए। मरीज को बेड नहीं देने पर शुरू हुआ था विवाद राजस्थान नर्सिंग एसोसिएशन जोधपुर जिलाध्यक्ष जगदीश जाट ने बताया- एमजी हॉस्पिटल में दोपहर में एक मरीज आया था। मरीज को ऑर्थोपेडिक वार्ड में एडमिट करवाना था। लेकिन, वार्ड में बेड नहीं होने की वजह से मरीज परेशान होने लगा। इस पर जब मरीज के साथ आए परिजनों ने रेजीडेंट डॉक्टर्स को कहा तो उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ की है। इसी बात को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद हो गया। जगदीश जाट ने बताया- इसकी जानकारी मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचकर समाझाइश का प्रयास करने लगे। इस दौरान उन्होंने मुझसे कहा कि आप कौन होते हैं। उन्होंने बताया कि इस बीच सभी नर्सिंग स्टाफ काम छोड़कर चले गए। जगदीश जाट ने बताया कि इसके बाद डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ के बीच समझाइश हुई और फिर सभी नर्सिंगकर्मी काम पर लौट गए।