कोटा में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय ने गुरुवार को संभाग की संगठनात्मक बैठक ली। करीब 3 घंटे चली बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को संदेश दिया कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है। “हम रहें या न रहें, संगठन हमेशा रहेगा।” सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने बताया- बैठक दो चरणों में हुई। पहले सत्र में पूर्व सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, महापौर, पूर्व प्रदेश पदाधिकारी और पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दूसरे सत्र में वर्तमान जनप्रतिनिधि, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, महामंत्री और मोर्चा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बूथ स्तर पर सक्रिय रहें कार्यकर्ता बैठक में अजेय ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने, नियमित संवाद बनाए रखने और रात्रि प्रवास के जरिए से आमजन की समस्याएं जानने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते रहना चाहिए। आपस में संवाद करें, ताकि आपस में सामंजस्य बना रहे। कार्यकर्ताओं की बात को सुना जाए। कार्यकर्ताओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को आमजन के साथ सुनने की अपील करते हुए कहा कि इससे नई जानकारियां मिलती हैं। समाज से जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन करते हुए देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ें संगठन महामंत्री अजेय ने कहा- राष्ट्रवाद भाजपा की वैचारिक शक्ति है। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के साथ सदस्यता अभियान का विस्तार करना आवश्यक है। आगामी चुनाव के मद्देनजर बूथ समितियों को सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “बूथ जीता, चुनाव जीता।” बैठक में कोटा संभाग प्रभारी अलका मूंदड़ा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, विधायक संदीप शर्मा, कालूराम मेघवाल, गोविंद रानीपुरिया, राधेश्याम बैरवा, ललित मीणा, उपाध्यक्ष छगन माहुर, प्रभारी अजीत मेहता, मानसिंह बारहठ, जिला सहप्रभारी सागर सोनी, स्नेहा काम्बोज, शंकरलाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष कोटा देहात प्रेम गोचर, जिलाध्यक्ष बारां नरेश सिंह सिकरवार, जिलाध्यक्ष झालावाड़ हर्षवर्धन शर्मा, जिलाध्यक्ष बूंदी रामेश्वर मीणा, पूर्व मंत्री प्रभू लाल सैनी, बाबूलाल वर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।