राजस्थान में 309 निकायों के 10 हजार 245 वार्डों में 38 हजार 891 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। कई वार्डों में बागी प्रत्याशी कांग्रेस-भाजपा की मुसीबत बढ़ा रहे हैं। जयपुर में हवामहल विधानसभा के वार्ड नंबर 134 में भाजपा के बागी जीतू सैनी को मनाने के लिए विधायक बालमुकुंद आचार्य उनके घर पहुंचे। विधायक ने जीतू सैनी को मनोनीत पार्षद बनाने और पार्षद जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन उनके परिजनों ने इनकार कर दिया। जीतू सैनी के ताऊ ने कहा- हमें हारना मंजूर है, लेकिन बीजेपी के समर्थन में हम नहीं बैठेंगे। अगर बैठना है तो बीजेपी के प्रत्याशी को बैठना चाहिए, जिसने हमारा हक मारा है। उधर, निर्वाचन विभाग ने शुक्रवार को निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न (सिंबल) आवंटित किए। किसी वार्ड में एक से ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र में एक जैसे सिंबल का दावा किया तो लॉटरी से सिंबल तय किया गया। बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में 49 निर्दलीय प्रत्याशियों में से 24 को चुनाव चिह्न ‘सेब’ मिला है। 50 प्रतिशत से ज्यादा निर्दलीय प्रत्याशियों ने ‘सेब’ सिंबल मांगा था। ऐसा इसलिए क्योंकि शिव से विधायक रविंद्र सिंह भाटी इस सिंबल से दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। जोधपुर में वार्ड 91 से निर्दलीय प्रत्याशी सीता पति श्रवण के साथ दंडवत करते हुए सहायक रिटर्निंग अधिकारी के पास चुनाव चिह्न लेने पहुंचीं। निकाय चुनाव से जुड़ी 2 फोटोज… मां ने बेटे की जीत होने तक नंगे पैर रहने का फैसला किया अजमेर में वार्ड 4 से निर्दलीय प्रत्याशी हेमा गहलोत को गुब्बारा चुनाव चिह्न मिला है। हेमा पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत की पत्नी हैं। उनके सामने बीजेपी की प्रत्याशी मोनिका जैन हैं, जबकि कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारा। अजमेर के वार्ड 52 से निर्दलीय प्रत्याशी सीमा गोस्वामी के बेटे दीपक ने मां की जीत होने तक नंगे पैर रहने का फैसला किया है। झुंझुनूं के एक वार्ड में राकेश नाम के 3 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। हालांकि उनके सरनेम अलग हैं। वहीं प्रदेश के अलग-अलग निकायों में कुल 77 उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा चुके हैं। … पल-पल का अपडेट जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…