दौसा में कॉन्स्टेबल की सिर में गोली मारकर हत्या करने वालों को जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों हत्यारों पर 1-1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इन हत्यारों को फरारी में मदद करने वाले 3 को भी 5-5 साल की सजा सुनाई है। दोनों चोरी की बाइक पर हथियार लेकर भाग रहे थे। इस दौरान पीछे लगी पुलिस पर दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। मामले में गोली सीधे कॉन्स्टेबल के सिर में लगी थी। कॉन्स्टेबल को गोली मारने के बाद हत्यारे करीब 36 घंटे तक खेतों में ही छिपे रहे थे। कोर्ट ने 218 पेज में सुनाया फैसला विशेष लोक अभियोजक गोपाल शर्मा ने बताया- बहुचर्चित कॉन्स्टेबल प्रहलाद सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने हिण्डौन के सूरोठ निवासी सौरभ और भरतपुर के सेवर के रहने वाले नवीन को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी माना। मामले के तीन अन्य आरोपी बंटी, जीतू और शुभम को हत्यारों को को आश्रय देने और फरार होने में मदद करने का दोषी माना। कोर्ट ने प्रत्येक को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 56 गवाह और 209 दस्तावेज अदालत में पेश किए। कोर्ट ने 218 पेज का निर्णय सुनाया।
चोरी की घटना में सिर में मारी गोली मामला अगस्त 2023 का है। दौसा पुलिस को सूचना मिली थी कि जयपुर से दो बदमाश दो बाइक चोरी कर अवैध हथियारों के साथ हाईवे से गुजर रहे हैं। इस पर डीएसटी के तीन कांस्टेबल प्रह्लाद सिंह, बाल केस और पन्नालाल ने बदमाशों का पीछा शुरू किया। पुलिस को पीछे आते देख बदमाशों ने दोनों बाइकों को हाईवे पर छोड़ा और बाजरे के खेतों की तरफ भाग गए। तीनों कांस्टेबल भी बदमाशों के पीछे खेतों में चले गए। पुलिस का बढ़ता दबाव देखकर बदमाशों ने सिकंदरा थाना क्षेत्र के रेटा गांव के पास फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। लेकिन बदकिस्मती से नवीन की गोली कांस्टेबल प्रहलाद सिंह के सिर में लग गई। गोली लगते ही वह अचेत होकर गिर गया। उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां करीब सप्ताह भर भर्ती रहने के बाद उनकी मौत हो गई थी। हत्यारा नवीन 36 घंटे तक खेतों में छुपा रहा कॉन्स्टेबल को गोली मारने के बाद हत्यारा नवीन अपने साथी सौरभ के साथ करीब 36 घंटे तक खेतों में ही छिपा रहा। पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर पाए इसलिए उसने अपना मोबाइल भी स्विच ऑफ कर लिया। भूख–प्यास से बेहाल नवीन ने करीब डेढ़ दिन बाद अन्य तीन आरोपियों बंटी, जीतू और शुभम में से किसी को फोन कर मदद मांगी। उसका मोबाइल ऑन होते ही पुलिस ने लोकेशन के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था। दौसा के सदर थाने में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात प्रहलाद सिंह पुलिस की जिला स्पेशल टीम (DST) का हिस्सा थे। 10 जुलाई, 1989 को जन्मे प्रहलाद 2008 में पुलिस में भर्ती हुए थे। 12 मई, 2021 से दौसा डीएसटी में सेवारत थे। कॉन्स्टेबल की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़े… फायरिंग में घायल कॉन्स्टेबल ने SMS अस्पताल में तोड़ा दम:बाइक चोर ने सिर में मारी थी गोली;सीएम की घोषणा- परिवार को देंगे 1 करोड़
