उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों की लॉटरी निकलने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में कई नेताओं की जमीन खिसक गई है। वहीं, कई नेताओं की अपनी पसंद की लॉटरी खुली है। नेताओं ने अपने-अपने वार्ड से टिकट के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिन्हें दूसरे वार्ड में जाकर चुनाव लड़ना है, वे भी अपनी सियासी रणनीति बनाने में लगे हैं। उदयपुर में शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ जिस वार्ड से चुनाव लड़ना चाहते थे, वह अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व हो गया है। वहीं, भाजपा नेता प्रमोद सामर का वार्ड अनारक्षित ओपन है। वैसे सामर को निकाय कोटा का प्रभारी बना दिया गया है, ऐसे में उनके टिकट को लेकर फैसला पार्टी करेगी। दूसरी तरफ मेयर के दावेदार पारस सिंघवी का किस्मत ने साथ दिया। जिन दो वार्डों से दावेदारी कर रहे थे, वे अनारक्षित ओपन हो गई। वार्डों की लॉटरी में बीजेपी के ज्यादातर चेहरो को संयोग से उनके अनुकुल सीटे मिली हैं। सबसे खास रहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत गिरिजा व्यास के भाई और उदयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोपाल शर्मा का वार्ड 6 ओबीसी ओपन के लिए आरक्षित हो गया है। वहीं, उनकी बहू हिंताशी शर्मा वार्ड 73 से दावेदारी कर सकती हैं। वहां पर अनारक्षित महिला के लिए वार्ड​ रिजर्व हुआ है। मेयर पद के दावेदारों के वार्ड अनारक्षित ओपन मेयर पद के सबसे प्रबल दावेदार पारस सिंघवी, रवीन्द्र श्रीमाली, प्रमोद सामर, अतुल चंडालिया इस रेस में सबसे आगे हैं। भाजपा में मेयर की कुर्सी की तरफ कदम बढ़ा रहे अतुल चंडालिया का वार्ड 78 भी अनारक्षित ओपन है। पारस सिंघवी के वार्ड 24 और वार्ड 29 दोनों अनारक्षित ओपन है, ऐसे में उनके लिए दोनों वार्ड से चुनाव लड़ पाना संभव है। पहले यूआईटी चैयरमैन और नगर परिषद के सभापति रह चुके रवीन्द्र श्रीमाली का वार्ड 33 भी अनारक्षित ओपन है। श्रीमाली चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसका संशय बना हुआ है। अतुल और कविता को भी मिला फायदा गुलाबंचद कटारिया के रिश्तेदार अतुल चंडालिया का वार्ड 78 अनारक्षित ओपन होने से समर्थक खुश हैं। इसी वार्ड में पिंकी मांड़ावत की भी दावेदारी है, लेकिन टिकट नहीं मिलता तो दूसरे वार्ड के लिए रास्ता निकाला जा सकता है। कविता जोशी का वार्ड 76 अनारक्षित महिला होने से उनकी दावेदारी को मजबूती मिलेगी। नगर निगम के पूर्व समिति अध्यक्ष नानालाल के वार्ड 74 के ओबीसी ओपन होने से उन्हें दूसरे वार्ड में जाना पड़ सकता है। वार्ड 51 के अनारक्षित ओपन से होने भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अलका मुंदडा भी चुनाव लड़ने के पुरे मूड में है। प्रमोद सामर और प्रेम सिंह शक्तावत भी इसी वार्ड से चुनाव लड़ सकते हैं। शहर विधायक ताराचंद जैन के वार्ड 34 के ओबीसी महिला होने से वहां से दावेदारी कर रहे किरण जैन, रामकृपा शर्मा, जितेन्द्र शास्त्री चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। सामर को अवसर के बीच जिम्मेदारी भी मिली भाजपा नेता प्रमोद सामर पिछले कई सालों से विधानसभा टिकट का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनको मौका नहीं मिला। बीच में उन्होंने राजसमंद से लोकसभा चुनाव के लिए भी प्रयास किया। इस बार उदयपुर में मेयर की सीट अनारक्षित ओपन आने के बाद उनके समर्थकों और उनके मन में चुनाव लड़ने की इच्छा हुई है। वे किस वार्ड से लड़े यह तो पार्टी तय करेगी। इस बीच उनको कोटा का निकाय प्रभारी बना दिया। ऐसे में अब उनको चुनाव लड़ाएंगे या नहीं। यह नया सवाल खड़ा हो गया। वार्ड आरक्षण के बाद उदयपुर में कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से लेकर पूर्व पार्षदों के वार्ड आरक्षित हो गए। ऐसे में अब वे चुनाव कहां से लड़े ये नई चिंता खड़ी हो गई है। नए वार्ड की तलाश भी कर दी, लेकिन वहां पहले ताल ठोक कर तैयारी कर रहे नेताओं के सामने अपना नाम रखने को लेकर भी बड़ी मुश्किलें सामने है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष का वार्ड महिला के लिए आरक्षित उदयपुर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ खुद या अपने बेटे समर प्रताप सिंह को लड़ाने की तैयारी में थे। पार्टी की तरफ से मंजूरी मिल जाती तो वे खुद लड़ते या बेटे को खड़ा करते। लेकिन वार्ड ही अनारक्षित महिला के लिए आ गया। अब उनके लिए समस्या खड़ी हो गई है। दूसरे वार्ड की मुश्किलें भी सामने है। फतहसिंह का पैतृक गांव बेदला ओपन आ गया है। पूर्व मंत्री गिरिजा के भाई का वार्ड भी ओबीसी के लिए रिजर्व, बहू को मिला भाग्य का साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत गिरिजा व्यास के भाई और उदयपुर शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गोपाल शर्मा का वार्ड 6 से चुनाव लड़ने का मन था। लेकिन ये वार्ड ओबीसी ओपन के लिए आरक्षित हो गया है। शर्मा की बहू हिंताशी शर्मा भी इस वार्ड से भी उम्मीदवार थी। अब हिंताशी दूसरे वार्ड 73 से दावेदारी कर सकती हैं। वहां पर अनारक्षित महिला के लिए वार्ड​ रिजर्व हुआ है। अब उनको टिकट का प्रयास करना है। इसी वार्ड से ​हितांशी के पिता कांग्रेस नेता केके शर्मा की भी दावेदारी है, लेकिन अब वार्ड अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हो गया। पोरवाल का वार्ड भी गया कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद अजय पोरवाल ने भी मेयर की ओपन सीट आने पर चुनाव लड़ने का मन बनाया था। पोरवाल वार्ड नंबर 6 से लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन यह वार्ड भी ओबीसी ओपन के लिए आरक्षित हो गया है। अब उनको भी दूसरा ठिकाना खोजना होगा। पोरवाल अहिंसापुरी के पास में ओपन आए वार्ड में भी जा सकते है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष को नया ठिकाना ढूंढ़ना होगा नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष मोहसिन खान का मूल वार्ड महिला के लिए आरक्षित हो गया है। लेकिन वे अब वार्ड 10 और 20 में टिकट का प्रयास करेंगे। इन दो वार्डों में टिकट मिलना उनके लिए बड़ा संघर्ष होगा। श्रीमाली का वार्ड भी महिला के आ​रक्षित कांग्रेस नेता और शहर विधानसभा से विधानसभा प्रत्याशी रहे दिनेश श्रीमाली भी वार्ड नंबर 17 से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन ये वार्ड महिला के लिए आ​रक्षित हो गया है। श्रीमाली नाथद्वारा के पूर्व विधायक सीपी जोशी के नजदीकी हैं। वे भी निगम में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। अरुण टांक के अपने ही वार्ड आए उदयपुर में कांग्रेस के टिकट पर महापौर पद पर चुनाव लड़े अरुण टांक का किस्मत ने साथ दिया है। वे वार्ड 3 से दावेदारी कर रहे हैं। ये वार्ड अनारक्षित ओपन आया है। टांक पहले जिस वार्ड से पार्षद बने। वो वार्ड 6 बन ओबीसी ओपन के लिए रिजर्व हुआ है। टांक दोनों जगह से चुनाव लड़ सकते हैं। पंकज-दिनेश का वार्ड मर्जी का कांग्रेस नेता सुरेश श्रीमाली और खूबीलाल मेनारिया का वार्ड 4 अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व हुआ है। कांग्रेस नेता पंकज शर्मा का वार्ड 25 और दिनेश दवे का वार्ड 18 अनारक्षित ओपन हुआ। दोनों और उनके समर्थक खुश है और अब आगे टिकट की कसरत में लगे है। शंकर चंदेल को मिला भाग्य का साथ शंकर चंदेल का वार्ड 7 एससी ओपन के लिए आरक्षित हुआ है। जैसे ही इस वार्ड की लॉटरी निकली, चंदेल खुश हो गए। चंदेल को पार्टी ने अभी ही ब्लॉक अध्यक्ष बनाया है। वे पहले भी पार्षद रह चुके है। सुहालका को बदलनी होगी जगह कांग्रेस नेता राजीव सुहालका वार्ड 4 से दावेदारी में थे। लेकिन वार्ड अनारक्षित महिला के लिए आ गया। सुहालका अब पास के वार्ड में कोशिश करेंगे। सुहालका ने विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस उम्मीदवार के लिए दावेदारी की थी। अब वे नगर निगम को लेकर ताकत लगा रहे है।
उदयपुर नगरनिगम-जानिए आपके वार्ड में किस वर्ग से होगा पार्षद:16 महिलाओं के लिए रिजर्व; 48 वार्ड में किसी वर्ग का आरक्षण नहीं उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों की आज लॉटरी निकाली गई है। 80 वार्डों में से 48 वार्ड अनारक्षित हैं, जिसमें 16 महिलाओं के लिए आरक्षित है। इस बार मेयर की सीट अनारक्षित (ओपन) है, इसलिए किसी भी वर्ग का कोई भी व्यक्ति मेयर बन सकता है। (पूरी खबर पढ़े…)