राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पूनिया ने कहा- पार्टी ने उन्हें जब भी जो भूमिका दी, उन्होंने उसे पूरी शिद्दत से निभाने का प्रयास किया है। अब राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर भी उनका लक्ष्य पार्टी के निर्देशों को पूरा करना और सकारात्मक परिणाम देना रहेगा। उन्होंने विधानसभा में मिली हार पर कहा- मैं भी इंसान हूं, इसलिए कुछ क्षणों के लिए मुझे भी निराशा हुई थी। मैं भावुक व्यक्ति हूं, लेकिन राजनीति और पार्टी में संयम का बहुत बड़ा स्थान है। उन्होंने हरियाणा विधानसभा चुनाव पर कहा- वहां काम करने के दौरान काफी कुछ सीखने का अवसर मिला। चुनावी राजनीति में हार-जीत होती रहती है, लेकिन निराशा स्थाई नहीं होती। उन्होंने राजस्थान में संगठन को और मजबूत करने के साथ प्रदेश के मुद्दों को राज्यसभा के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाने की बात कही। आगे पढ़ें पूरा इंटरव्यू… सवाल: राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या रहेगी? जवाब: मेरी प्राथमिकता यही रहेगी कि पार्टी मुझे जो आदेश दे, उसे पूरा करूं। पार्टी ने मुझे जो भूमिका और जिम्मेदारी दी और जिस अवसर पर दी, मैंने उसे पूरी शिद्दत से पूरा करने का प्रयास किया है। आगे भी इसी तरह पार्टी के लिए काम करता रहूंगा। सवाल: यूपी समेत देश के कई राज्यों में जल्द चुनाव होने वाले हैं। हरियाणा में आपने बेहतर ढंग से काम किया था। अब कहां और किस तरह काम करेंगे? जवाब: हरियाणा का चुनाव भाजपा और मेरे लिए एक चुनौती था। जब मैं वहां गया तो मैंने महसूस किया कि हम हरियाणा में सत्ता में वापसी कर सकते हैं। केंद्रीय नेतृत्व के आशीर्वाद से वहां एक अच्छी टीम बनी। उस टीम के साथ काम करते हुए मुझे भी काफी कुछ सीखने का मौका मिला। हरियाणा मेरे लिए एक टर्निंग पॉइंट रहा। वहां मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला और परिणाम देने का भी अवसर मिला। इसके बाद दिल्ली, बिहार और कर्नाटक में भी पार्टी के लिए काम करने का मौका मिला। अब पार्टी ने मुझे राष्ट्रीय महामंत्री बनाने का फैसला किया है। यह मेरी जिम्मेदारी है कि पार्टी के लिए पूरी क्षमता के साथ काम करूं और सकारात्मक परिणाम दूं। सवाल: राजस्थान में आप ओबीसी का बड़ा चेहरा बन गए हैं। राज्यसभा सांसद बनने के बाद अब राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है। राजस्थान की राजनीति पर इसका कितना असर होगा? जवाब: मैं राजस्थान से हूं और अपने राजनीतिक कामकाज की शुरुआत भी राजस्थान से ही की है। राज्यसभा सदस्य के नाते राजस्थान की जनता के लिए जो कुछ बेहतर कर पाऊंगा, वह हमेशा करता रहूंगा। पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर राजस्थान की पार्टी इकाई मुझसे क्या उम्मीद रखती है, उसे भी पूरा करने की कोशिश करूंगा। अब यह पार्टी नेतृत्व का विषय है कि वह मुझे कब, कहां और क्या भूमिका देता है। लेकिन प्रधानमंत्री के 2047 के विजन को पूरा करने के लिए सभी कौमों और वर्गों को साथ लेकर चलना मेरी प्राथमिकता रहेगी। सवाल: विधानसभा चुनाव हारने के बाद भाजपा ने लगातार आपको दो बड़ी जिम्मेदारियां दी हैं। जीवन के इस दौर को किस तरह देखते हैं? जवाब: चुनावी राजनीति में हार और जीत दोनों मायने रखती हैं। मैं भी इंसान हूं, इसलिए कुछ क्षणों के लिए मुझे भी निराशा हुई थी। मैं भावुक व्यक्ति हूं, लेकिन राजनीति और पार्टी में संयम का बहुत बड़ा स्थान है। जब यह बात मुझे समझ में आई तो मैं हरियाणा में पार्टी के काम में जुट गया। मेरा मानना है कि राजनीति में हमेशा एक जैसी परिस्थितियां नहीं रहतीं। निराशा स्थाई नहीं होती। जहां-जहां मैंने परिश्रम किया, वहां उसका प्रतिफल भी मिला है। मैं अपने कार्यकर्ताओं से भी यही कहता हूं कि संयम के साथ काम करते रहें। पार्टी आपकी योग्यता और मेहनत के अनुसार निश्चित रूप से उसका प्रतिफल देगी। सवाल: केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी आपके नाम की चर्चा चल रही थी। अब आपको राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। आप किस पद को बेहतर मानते हैं? जवाब: मैं अब पसंद और नापसंद से ऊपर आ गया हूं। अब मेरी कोई चॉइस नहीं है। मेरी चॉइस अब वही रहेगी, जो मेरी पार्टी की चॉइस है। पार्टी ने मुझे राष्ट्रीय महामंत्री के पद के लिए जिम्मेदार समझा और यह जिम्मेदारी दी। मेरे लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है। सवाल: राजस्थान को लेकर आपकी प्राथमिकता क्या रहने वाली है? जवाब: राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी का संगठन और ज्यादा मजबूत और उन्नत हो, यह मेरी प्राथमिकता रहेगी। इसके साथ ही राज्यसभा सांसद के नाते राजस्थान से जुड़े ऐसे मुद्दे, जिनका समाधान केंद्र सरकार के माध्यम से हो सकता है, उन्हें उठाने और उनके समाधान का प्रयास करूंगा। मुझे राज्यसभा में अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है, लेकिन मैंने प्रदेश की समस्याओं को सदन के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है। आगे भी कोशिश रहेगी कि जनता और कार्यकर्ताओं के मुद्दों को सही मंच तक पहुंचाउं और उनके समाधान के लिए पूरी ताकत से प्रयास करूं।