उदयपुर के ग्रीन जोन सज्जनगढ़ के अंदर अब प्लास्टिक की बोतल नहीं चलेंगी। अगर कोई व्यक्ति लेकर चला गया तो जुर्माना देना होगा। अंदर ही पानी की कांच की बोतल मिलेगी। इसके लिए प्रति बोतल 50 रुपए देने होंगे। जाते वक्त आप बोतल को जमा करा देंगे तो प्रति बोतल 10 रुपए काटकर आपको 40 रुपए वापस दे देंगे। इसा मकसद है कि इस इलाके को प्लास्टिक मुक्त किया जा सके। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल सज्जनगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, मानसून पैलेस और सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क को प्लास्टिक बोतल मुक्त क्षेत्र घोषित करने के साथ ही इस नई पहल को शुरू किया गया है। प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सेदू राम यादव ने बताया- सज्जनगढ़ प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। बता दें कि अभयारण्य क्षेत्र में प्लास्टिक की पानी की बोतल का उपयोग पाए जाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक आते एसीएफ सुरभि शर्मा ने बताया- सज्जनगढ़ उदयपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों जो खाली प्लास्टिक की बोतलें फेंकते हैं, वो पर्यावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए चुनौती बन रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। टिकट विंडो से मिलेगी पानी की बोतल उन्होंने बताया- पर्यटकों को सज्जनगढ़ टिकट विंडो के पास कांच की बोतल में 500 एमएल पानी 50 रुपए में उपलब्ध कराया जाएगा। खाली बोतल वापस जमा कराने पर 40 रुपए लौटाए जाएंगे। इस पहल से सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, साथ ही पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस सीजन में प्रति​दिन 750 टूरिस्ट आते बॉयोलोजिकल पार्क में इस समय गर्मी की सीजन में प्रति​दिन 500 से 750 टूरिस्ट आते है जबकि सीजन के समय यह संख्या करीब 1000 से 1500 हो जाती है। ‘नीर अमृत’ के संस्थापक भूपेन्द्र सिंह ने स्वागत करते किया। उन्होंने बताया कि अतिथियों ने सज्जनगढ़ सेंचुरी क्षेत्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस दौरान वनपाल अजीत सिंह राणावत भी मौजूद रहे।
सज्जनगढ़ में वन विभाग की वाईल्ड लाइफ विंग ने ‘नीर अमृत’ संस्था के सहयोग से इसकी शुरूआत की। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सेदू राम यादव, उप वन संरक्षक (वन्यजीव) यादवेन्द्र सिंह चूंडावत, सहायक वन संरक्षक सुरभि शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी विनोद कुमार तंवर, सियाराम मीणा, प्रभुलाल मीणा, ग्रीन पीपल सोसायटी के राहुल भटनागर और रिटायर्ड डीएफओ सुहैल मजबूर ने इसका शुभारंभ किया।