पानी बचाने की बातें अक्सर लोग सिर्फ मंचों और भाषणों में ही करते नजर आते हैं। लेकिन टोंक में शिक्षा विभाग के एक प्रशासनिक अधिकारी दीनदयाल कसेरा ने इसे अपने जीवन में उतारा है। एक लीटर पानी से साबुन लगाकर साफ-सुथरे तरीके से नहाकर दिखाया। पांच साल पहले नहाने में व्यर्थ होने वाले पानी को बचाने का संकल्प लिया था, तब से लेकर अब नियम को नहीं तोड़ा। दावा है कि दोनों बेटे भी अधिकतम दो लीटर पानी से नहाते हैं। पत्नी पांच लीटर पानी से नहाकर पहल में योगदान दे रही हैं। पानी बचाने की अनूठी पहल से मिला संदेश
दीनदयाल कसेरा (51) टोंक शहर के छोटा तख्ता इलाके के रहने वाले हैं। टोंक DEO कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पोस्टेड हैं। कसेरा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सांगानेर विभाग के व्यवस्था प्रमुख भी जुड़े हैं और निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। सेंट सोल्जर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में चल रहे 16 दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में शनिवार (30 मई) को पहल देखने को मिली। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षा प्रशासनिक अधिकारी दीनदयाल कसेरा ने एक लीटर पानी से नहाकर जल संरक्षण का मैसेज दिया। इससे पहले भी घर के बाथरूम में एक लीटर पानी से पूर्ण स्नान करते हुए वीडियो बनाकर शेयर कर चुके हैं। वर्षों से जीवन में अपनाया जल बचत का सिद्धांत
दीनदयाल कसेरा बताते हैं- लंबे समय से पानी की बचत को अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं। पहले जहां 15-20 लीटर पानी नहाने में खर्च होता था। धीरे-धीरे कम करना शुरू किया और अब घर पर भी एक लीटर पानी में संपूर्ण स्नान करने की आदत डाल ली है। घर के लोग भी अधिकतम 3 लीटर पानी से नहा रहे हैं। बचपन से जुड़ा संघ से प्रेरणा का सफर
दीनदयाल कसेरा बताते हैं- साल 1986 में जब वे कक्षा 8 में पढ़ते थे, तभी सवाई माधोपुर चौराहे के पास किले के मैदान में क्रिकेट खेलने जाते थे। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा देखकर वे वहां जाने लगे और धीरे-धीरे संगठन से जुड़ गए। वहां के विचारों ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। संघ से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने बचत और सादगी का महत्व सीखा। अपने जीवन में अपनाया और पानी को बचाने को संकल्प लिया, जिसे वे लगातार निभा रहे हैं। पानी बचेगा तो पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। पानी की कमी नहीं होगी तो भविष्य में किसी तरह की मारामारी की स्थिति भी नहीं बनेगी। सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक रहते हैं एक्टिव वर्ग कार्यवाह अशोक शर्मा और प्रबंध प्रमुख महेंद्र ने बताया – दीनदयाल कसेरा संघ शिक्षा वर्ग में सुबह 4 बजे उठ जाते हैं। इसके बाद दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को शारीरिक प्रशिक्षण और बौद्धिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। वे रात 10 बजे तक सक्रिय रूप से सेवा देते हैं और सभी को पानी बचाने की सीख भी देते हैं। दीनदयाल कसेरा हर कार्यक्रम में ‘जल है तो कल है’ की भावना के साथ पानी बचाने की मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं। उनसे हम सभी प्रेरणा लेते हैं।