SIP में असली कमाई स्कीम चुनने से नहीं, बल्कि समय देने से होती है। नई SIP स्टडी बताती है कि जो निवेशक लंबे समय तक निवेश में बने रहते हैं, उनके लिए नुकसान की गुंजाइश धीरे-धीरे लगभग खत्म हो जाती है। आजकल हर दूसरा निवेशक SIP शुरू तो कर देता है, लेकिन बाजार गिरते ही घबराहट शुरू हो जाती है। पोर्टफोलियो लाल दिखा नहीं कि लोग या तो SIP रोक देते हैं या पैसा निकाल लेते हैं। जबकि आंकड़े बता रहे हैं कि जल्दबाजी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है।