यूएस-ईरान युद्ध से तेल मार्केट में बड़े बदलाव आए हैं। मई 2026 में देश के कुल डीजल निर्यात का 83 फीसदी हिस्सा अफ्रीकी देशों को गया है। वहीं, यूरोप को एक भी कार्गो नहीं भेजा गया। एनर्जी कार्गो ट्रैकर कंपनी कैपलर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, मई में भारत ने कुल 3.94 लाख बैरल प्रतिदिन डीजल निर्यात किया। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एशिया में रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ने, चीन की कमजोर मांग और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव ने ग्लोबल फ्यूल मार्केट का रुख बदल दिया है।
