सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को तैयार करने के लिए IIT, जोधपुर और झारखंड सरकार ने पहल शुरू की है। इसके तहत खासतौर पर ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। पहल का उद्देश्य उभरते चिप और डीप-टेक सेक्टर के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर में झारखंड सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। इस दौरान राज्य में समावेशी और भविष्य के लिए तैयार सेमीकंडक्टर प्रतिभा एवं नवाचार का इकोसिस्टम विकसित करने को लेकर रणनीतिक चर्चा की गई। बैठक में व्यापक सिलिकॉन माइंड्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत प्रस्तावित TWISH–Jharkhand (Tribal Women in Semiconductor and Hardware) कार्यक्रम पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित पहल का उद्देश्य आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं, इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा विद्यार्थियों, ITI एवं पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों तथा STEM क्षेत्र की छात्राओं और महिलाओं को सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर के तेजी से उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है। इस रणनीतिक चर्चा में झारखंड सरकार, IIT जोधपुर और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्मेंट (AIILSG) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा, IIT जोधपुर की शोध एवं तकनीकी क्षमताओं, झारखंड में कार्यक्रम के क्रियान्वयन की आवश्यकताओं, संभावित संस्थागत भूमिकाओं और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा की गई। कक्षा से सेमीकंडक्टर उद्योग तक प्रतिभाओं को तैयार करने की पहल प्रस्तावित TWISH–झारखंड कार्यक्रम में प्रतिभाओं की पहचान और बुनियादी प्रशिक्षण से शुरुआत करते हुए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, रोजगार और उद्यमिता तक एक समग्र लर्निंग पाथवे विकसित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित प्रशिक्षण के प्रमुख क्षेत्रों में VLSI Design and Simulation, Embedded Systems, पीसीबी, आईओटी,सेमीकंडटक्टर फंडामेंटल्स, क्लीनरूम एक्सपोजर और फेब्रिकेशन शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल पारंपरिक कौशल प्रशिक्षण तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और अत्याधुनिक तकनीकी इकोसिस्टम का प्रत्यक्ष अनुभव उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से आदिवासी समुदायों, ग्रामीण युवाओं तथा STEM क्षेत्र में छात्राओं और महिलाओं के लिए ऐसे अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का हिस्सा बन सकें। IIT जोधपुर ने अत्याधुनिक शोध एवं प्रयोगशाला क्षमताओं का किया प्रदर्शन झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान IIT जोधपुर के वैज्ञानिक अधिकारियों ने AIoT Fab Lab और सेंट्रल रिसर्च फेसिलिटी (CRF) का प्रदर्शन किया। प्रतिनिधिमंडल को संस्थान में उपलब्ध उन्नत शोध, प्रयोगशाला और तकनीकी विकास की क्षमताओं से अवगत कराया गया। प्रदर्शन के दौरान IIT जोधपुर के बहुविषयक शोध एवं तकनीकी इकोसिस्टम की उन क्षमताओं को रेखांकित किया गया, जिनके माध्यम से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर से जुड़े क्षेत्रों में व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा, शोध अनुभव और उन्नत कौशल विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल में ये हुए शामिल झारखंड सरकार के प्रतिनिधिमंडल में योजना एवं विकास मंत्री राधा कृष्ण किशोर, अपर सचिव विजया नारायणराव जाधव सहित कई लोग शामिल थे। AIILSG की ओर से रवि रंजन गुरु, क्षेत्रीय निदेशक विनोद पालीवाल और राजीव रंजन गुरु उपस्थित रहे। आईआईटी जोधपुर की ओर से बैठक में डायरेक्टर प्रो.अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भवानी कुमार सतपथी आदि शामिल हुए।
