जोधपुर नगर निगम के 12 वार्डों की सीमाओं में कथित बदलाव को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। यह याचिका कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद ओंकार वर्मा और कुश गहलोत की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता मनीष व्यास ने कोर्ट को बताया कि सितंबर 2025 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां और सुझाव लेकर वार्डों का परिसीमन अंतिम रूप से राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि लगभग 11 महीने बाद, नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले, 12 वार्डों की सीमाओं में बदलाव किया गया। यह बदलाव नई आपत्तियां आमंत्रित किए बिना और प्रभावित लोगों को सुनवाई का अवसर दिए बिना किया गया। याचिका में 7 अगस्त की स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना और वार्ड आरक्षण लॉटरी के बाद जारी परिणामी राजपत्र नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है।याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि आरक्षण लॉटरी के बाद परिसीमन में बदलाव चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करता है। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार को सरकार से निर्देश प्राप्त कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया।