जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में प्रदूषित नदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी एसआईटी (SIT) टीम ने गुरुवार को बालोतरा इलाके का दौरा किया। जांच दल अध्यक्ष आईजी लवली कटियार के तीन सदस्यी टीम ने बिठुजा एवं बालोतरा कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का निरीक्षण किया। इंडस्ट्री से निकलने वाले अपशिष्ट जल एवं स्लज के निस्तारण की व्यवस्थाओ की जानकारी ली गई। साथ मीटिंग कर लूणी नदी, नालों और अन्य जल स्त्रोतों में रासायनिक अपशिष्ट जल छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है। टीम ने एचआरटीसी परिसर, लूणी नदी के बहाव इलाके तथा खुले भू-भाग में रासायनिक जल फैलाव की स्थिति का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी अधिकारियों एवं इंजीनियरों ने एसआईटी को 18 एमएलडी कैपेसिटी वाले आरओ प्लांट तथा जीरों लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) प्रणाली से अवगत कराया। खेड़ रोड स्थित प्लांट भी पहुंचे। वहां पर रासायनिक जल एवं स्लज निस्तारण प्रोसेस का जायजा लिया। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में प्रदूषित नदियों की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था। डीजीपी (DGP) राजीव कुमार शर्मा की ओर से 2 जून को इसे लेकर आदेश जारी किए गए थे। यह एसआईटी इन तीन जिलों से निकलने वाली जोजरी, बांडी और लूणी नदी के प्रदूषण मामले की जांच कर रही है। एसपी ऑफिस में अधिकारियों के साथ की मीटिंग एसआईटी अध्यक्ष लवली कटियार समेत टीम के सदस्य बालोतरा एसपी पहुंचे। वहां एएसपी हरफूलसिंह एसआईटी की जांच एवं सहयोग के लिए मनोनीत अधिकारियों एवं जिला स्तरीय पुलिस टीम के साथ मीटिंग की। टीम ने पूरी समीक्षा करने के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। लूणी नदी और नालों में रासायनिक अपशिष्ट डालने पर कठोर कार्रवाई के निर्देश टीम ने लूणी नदी, नालों और अन्य जल स्त्रोतों में रासायनिक अपशिष्ट जल छोड़ने वाले व्यक्तियों और फैक्ट्रियों से रासायनिक अपशिष्ट को डालने या डंप करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। चाहे वो ट्रैक्टरों अथवा अन्य साधनों से परिवहन कर सीवरेज, नालों एवं खाली-भू भागों में अवैध डंप कर रहे हो। जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई करने और जांच करने के निर्देश दिए है। मीटिंग में प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी प्लानिंग की गई है। टीम ने इसके बाद प्रदूषण से प्रभावित डोली एवं अराबा गांवों का निरीक्षण किया।
