पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बरनाला विधानसभा क्षेत्र के गांव जलूर (धनौला) का दौरा किया। उन्होंने यहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए गांव के चहुंमुखी विकास के लिए पंचायत को 51 लाख रुपये का चेक सौंपा। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, यही वजह है कि आज विरोधियों के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने राज्य में नहरी पानी की उपलब्धता का जिक्र करते हुए दावा किया कि सूबे के इतिहास में पहली बार आखिरी छोर तक पानी पहुंच रहा है। जनसभा के दौरान पंडाल में मौजूद एक व्यक्ति ने खड़े होकर रास्ते में नहरी पानी न आने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने अपने चिरपरिचित अंदाज में जवाब दिया कि जो व्यवस्था 70 सालों से ठप पड़ी थी, उसे पटरी पर लाने में थोड़ा समय लगना स्वाभाविक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे 70 साल पुराना प्रशासनिक मर्ज ठीक करने में वक्त लगता है। CM ने बरनाला में 51 लाख की ग्रांट दी मान ने आरोप लगाया कि जनहित के कार्यों को रोकने के लिए उनके खिलाफ बड़ी साजिशें रची जा रही हैं, लेकिन जनता सब समझती है। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “एक दौर था जब मैं बतौर कलाकार यहां आता था और पैसे लेकर जाता था। फिर सांसद के रूप में फंड दिया और आज CM के तौर पर 51 लाख की सौगात लाया हूं। मैं आज आपका वही प्यार ब्याज सहित लौटा रहा हूं।” पूर्व मुख्यमंत्रियों पर तंज कसा पूर्व मुख्यमंत्रियों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले नेताओं को जनता के जूते उछालने का इतना खौफ रहता था कि सुरक्षा के नाम पर भारी-भरकम ‘डी’ (सुरक्षा घेरा) बनाई जाती थी, लेकिन उन्हें अपनी जनता से कोई डर नहीं लगता। इसी बीच जब पंडाल से एक महिला ने खुद को मुख्यमंत्री के पैतृक गांव का बताया, तो सीएम ने चुटकी लेते हुए कहा कि पंजाब की रीत के मुताबिक अब उनका 500 रुपये का शगुन का खर्चा बढ़ गया है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि महिला वित्तीय सहायता योजना के तहत इस महिला की 1000 रुपये वाली स्कीम आज से ही शुरू हो गई है, जबकि बाकी लोगों की चार दिन बाद शुरू होगी।
