कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और टीम को ग्रामीणों ने पीटकर खदेड़ दिया। रांका 21 अगस्त जयपुर के सीतापुरा एरिया के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस जानबूझकर अनजान बनी रही। इधर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर जयपुर पहुंचकर धरना देने की चेतावनी दी है। क्या वाकई पुलिस मूकदर्शक बनी रही? CJP राजस्थान में इतना फोकस क्यों बढ़ा रही है? क्यों अपने स्कूल कैंपेन के लिए राजस्थान को चुना गया? जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में… सवाल- 1: क्या पुलिस ने CJP टीम को जानबूझकर पिटने दिया? जवाब : सीजेपी ने 20 अगस्त को सोशल मीडिया पर दो सरकारी स्कूलों के निरीक्षण की घोषणा की थी। मारपीट की घटना के बाद सीजेपी ने दावा किया कि पुलिस को इसकी पहले से जानकारी थी, लेकिन मौके पर नहीं पहुंची। सीजेपी के आरोपों पर शिवदासपुरा एसएचओ राजेश गौतम का कहना है- ग्रामीणों ने सुबह 2 बार सीजेपी कार्यकर्ताओं को समझाइश कर लौटा दिया था। जानकारी करने पर पता चला कि वहां शांति का माहौल है। उसके बाद सीजेपी टीम के फिर से पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए और मारपीट कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम जब तक मौके पर पहुंची, सीजेपी कार्यकर्ता वहां से जा चुके थे। सवाल-2 : क्या CJP राजस्थान में ज्यादा एक्टिव दिख रही है?
जवाब : दिल्ली में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले और उसके बाद भी CJP राजस्थान में सक्रिय नजर आ रही है। टीम के कोर मेंबर्स के बढ़ते दौरे इसी ओर इशारा करते हैं… सवाल-3 : आखिर सीजेपी का राजस्थान पर इतना फोकस क्यों है? जवाब : फौरी तौर पर इसकी 4 बड़ी वजह दिख रही है… 1. कोर टीम के 2 अहम सदस्य राजस्थान से सीजेपी की कोर टीम के अहम सदस्य आशुतोष रांका जयपुर में जन्मे हैं। IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स कर चुके हैं। राजस्थान में शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर वे पहले से ही काम कर चुके हैं। लिहाजा उन्हें यहां की स्कूलों और एजुकेशन सिस्टम के बारे में पहले से अच्छा खासा इनपुट-फीडबैक है। सीजेपी कोर टीम के मेंबर दीपक बालियान अलवर में जन्मे हैं। पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है। उन्हें ग्रासरूट मोबिलाइजेशन, यानी जमीनी लेवल पर संगठन और संख्याबल जुटाने का अच्छा अनुभव है। 2. ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के लिए सबसे सही लोकेशन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 30 जनवरी को विधानसभा में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों की जानकारी दी थी। जिसके मुताबिक, जिला स्तरीय सर्वे में 3,768 स्कूल भवन जर्जर पाए गए। उस समय 2558 भवनों को आधिकारिक रूप से जर्जर घोषित कर दिया था। जबकि 41,178 स्कूलों में मरम्मत कार्य की जरूरत बताई गई थी। इसके बाद कुछ स्वीकृतियां और मंजूरी भी दी गई थी। 3. सरकार के फैसलों से कैंपेन ट्रिगर हो गया सीजेपी के अभियान के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आउटसाइडर के लिए कड़े नियम लागू कर दिए। स्कूलों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी पर बैन लगा दिया। इसी फैसले से सीजेपी का कैंपेन ट्रिगर हो गया। सीजेपी ने सरकार पर इस आदेश को भी वापस लेने का दबाव बनाया है। राजस्थान में इस अभियान को स्कूल ठीक होने तक जारी रखने का ऐलान कर रखा है। 4. राजस्थान से कैंपेन की बड़ी जीत की उम्मीद दिल्ली में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद सीजेपी ने प्रेशर ग्रुप की तरह काम करने का ऐलान किया था। राजस्थान में बीजेपी की सरकार है। रांका पहले से शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनके पास इससे जुड़ा अच्छा-खास इनपुट भी है। राजस्थान सहित देशभर में भी सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लिहाजा सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अगर राजस्थान की स्कूलों में भी बदलाव आता है तो इसे भी अब सीजेपी की बड़ी जीत की तरह पेश किया जाएगा। सवाल 4 : आखिर स्कूल का मुद्दा उठाने गई CJP टीम की पिटाई क्यों हुई? जवाब : जयपुर के पास रामपुरा-कंवरपुरा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल जर्जर हो गया था। सुरक्षा को देखते हुए बच्चों को दूसरी जगह टीनशेड के नीचे शिफ्ट किया गया था। सीजेपी ने इस स्कूल का दौरा करने की घोषणा की थी। 21 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे सीजेपी के 4 कार्यकर्ता स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस ग्राफिक से समझिए आगे का घटनाक्रम… रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से सूचना थी, फिर भी मौके पर नहीं पहुंची। रांका ने 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी और शिक्षा विभाग का स्कूलों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी पर बैन का आदेश वापस लेने की मांग की। इन तस्वीरों से देखिए सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट की घटना …… ये खबर भी पढ़ें… जयपुर- CJP से मारपीट, 24 घंटे बाद स्कूल शिफ्ट:ग्रामीण-सीजेपी की एक-दूसरे के खिलाफ FIR; रांका बोले-दिलावर ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को सीतापुरा इलाके के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा के निरीक्षण को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के 24 घंटे बाद शनिवार सुबह स्कूल को 50 मीटर दूर बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…