राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के रिक्रूटमेंट पोर्टल से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार माइनिंग इंजीनियर राहुल कुमार मीणा से पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद से लगातार प्रॉम्प्ट तैयार करता रहा और जानकारी जुटाता रहा कि पोर्टल में किसी अभ्यर्थी का आवेदन कैसे विड्रॉ किया जा सकता है। इसके बाद उसने AI से तैयार प्रॉम्प्ट के जरिए आरपीएससी के OTR सिस्टम को बायपास कर पहली ही कोशिश में रिक्रूटमेंट साइट में सेंध लगा दी। सहायक खनिज अभियंता (Assistant Mining Engineer) भर्ती-2024 की विचार सूची (प्रोविजनल लिस्ट) से इंटरव्यू से पहले तीन अभ्यर्थियों के नाम हटा दिए। आरोपी का पता चलते ही पुलिस के एक कॉन्टेबल ने कोरियर वाला बनकर घर का पता लगाया और गिरफ्तार किया। आरोपी 25 तारीख तक पुलिस रिमांड पर है। साइबर थाना पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है। उसके मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को जांच में और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। एक नेटवर्क से चल रही थीं दो SSO ID, यहीं से राहुल तक पहुंची पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरपीएससी ने रिक्रूटमेंट पोर्टल में छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराते समय एक फर्जी एसएसओ आईडी और आईपी एड्रेस की जानकारी दी थी। जांच में सामने आया कि प्रोविजनल लिस्ट में कुल 78 अभ्यर्थी शामिल थे, जबकि भर्ती में सिर्फ 24 पद थे। इनमें एसटी वर्ग के लिए एक पद आरक्षित था और एसटी वर्ग के 6 अभ्यर्थी शामिल थे। पुलिस ने इन छह अभ्यर्थियों की पड़ताल शुरू की। इनमें से एक अभ्यर्थी खुद आरपीएससी को शिकायत करने वाला निकला। साइबर टीम ने जब आईपी एड्रेस को ट्रैक किया तो वह झारखंड का मिला। फर्जी एसएसओ आईडी रवि सिन्हा के नाम से बनाई गई थी। जो राहुल ने ही बनाई थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि सेल (SAIL) में कार्यरत माइनिंग इंजीनियर राहुल मीणा ने भी यह परीक्षा दी थी। जब उसकी एसएसओ आईडी की जांच की गई तो वह भी उसी नेटवर्क से संचालित होना सामने आई, जिससे फर्जी एसएसओ आईडी संचालित हो रही थी। यहीं से पुलिस का शक राहुल मीणा पर गहरा गया और जांच की दिशा बदल गई। कॉन्स्टेबल बना डिलीवरी बॉय, छोटे भाई से ऐसे निकलवाया घर का पता सीओ शमशेर खां ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। टीम को पता चला कि राहुल मीणा झारखंड से छुट्टी लेकर अपने गांव दौसा पहुंच चुका है। इसके बाद पुलिस की एक टीम दौसा रवाना की गई। टीम में शामिल कॉन्स्टेबल सोनू चौधरी ने आरोपी तक पहुंचने के लिए अनोखी रणनीति अपनाई। कॉन्स्टेबल एक निजी कंपनी का डिलीवरी बॉय बन गया। उसने राहुल के छोटे भाई लोकेश से संपर्क किया और कहा कि उसका एक कोरियर आया है। यदि घर का पता नहीं बताया तो वह वापस लौट जाएगा। कोरियर की बात सुनकर लोकेश झांसे में आ गया। उसने घर का पता बता दिया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही राहुल भागने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे दबोच लिया। पहली बार में ही क्रैक कर दिया RPSC पोर्टल पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल मीणा साल 2019 से झारखंड में सेल (SAIL) में माइनिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। उसे शुरू से ही आईटी में गहरी रुचि रही है। पुलिस के अनुसार, वह AI की मदद से पहले भी कई निजी वेबसाइटों से इसी तरह की छेड़छाड़ कर चुका है। जांच में सामने आया कि दिसंबर-2025 से उसने आरपीएससी के रिक्रूटमेंट पोर्टल में सेंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी थी। वह AI प्लेटफॉर्म जैसे चैटजीपीटी (ChatGPT), डीपसीक (DeepSeek) सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर लगातार ऐसे प्रॉम्प्ट कमांड तैयार कर रहा था, जिनकी मदद से रिक्रूटमेंट पोर्टल में छेड़छाड़ की जा सके। पुलिस के अनुसार, वह चैटजीपीटी की मदद से लगातार प्रॉम्प्ट तैयार करता रहा और यह भी जानकारी जुटाता रहा कि पोर्टल में किसी अभ्यर्थी का आवेदन कैसे विड्रॉ किया जा सकता है। इसके बाद उसने AI से तैयार प्रॉम्प्ट के जरिए आरपीएससी के OTR सिस्टम को बायपास कर पहली ही कोशिश में रिक्रूटमेंट साइट में सेंध लगा दी। पहले नंबर-1 उम्मीदवार को हटाया, शक से बचने के लिए दो और नाम किए विड्रॉ पुलिस जांच में सामने आया कि पोर्टल में प्रवेश करने के बाद राहुल ने सबसे पहले अपनी श्रेणी के पहले नंबर के अभ्यर्थी का आवेदन विड्रॉ किया। कुछ देर बाद उसे लगा कि यदि सिर्फ एक ही उम्मीदवार को हटाया गया तो सीधे उसी पर शक जाएगा। इसके बाद उसने शक से बचने के लिए उसी श्रेणी के चौथे और छठे नंबर के अभ्यर्थियों के आवेदन भी विड्रॉ कर दिए। ताकि मामला सामान्य प्रतीत हो और किसी को उस पर संदेह न हो। खबर छपते ही छुट्टी लेकर पहुंच गया गांव, मोबाइल-लैपटॉप का डेटा डिलीट किया पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जैसे ही आरपीएससी पोर्टल में छेड़छाड़ की खबर सार्वजनिक हुई, राहुल ने तुरंत अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली। दौसा स्थित अपने घर पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने अपने लैपटॉप और मोबाइल का डेटा डिलीट कर दिया, ताकि पुलिस को उसके खिलाफ कोई सबूत न मिल सके। अब साइबर थाना पुलिस ने दोनों डिवाइस जब्त कर एफएसएल जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। पढ़ा-लिखा परिवार, खुद माइनिंग इंजीनियर; भाई भी कर रहा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पुलिस जांच में सामने आया कि राहुल मीणा एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता गुलाब राम मीणा सरकारी बैंक में मैनेजर हैं। बहन सरकारी कर्मचारी है, मां गृहिणी हैं और छोटा भाई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। वहीं, राहुल खुद साल 2019 से सेल (SAIL) में माइनिंग इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। दरअसल, गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार मीणा दौसा का रहने वाला है। वह वापस राजस्थान आना चाहता था, इसलिए उसने RPSC की सहायक खनिज अभियंता (असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर) भर्ती परीक्षा-2024 में अपना चयन सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल से छेड़छाड़ की थी। ये भी पढ़ें… RPSC पोर्टल से माइनिंग इंजीनियर ने की थी छेड़छाड़:झारखंड में कार्यरत, वेटिंग लिस्ट में आगे आने के लिए अभ्यर्थियों के फॉर्म किए विड्रॉ राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के रिक्रूटमेंट पोर्टल से छेड़छाड़ के मामले में साइबर थाना पुलिस ने माइनिंग इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स और कोडिंग की मदद से RPSC की असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर-2024 भर्ती के पोर्टल में छेड़छाड़ की थी। आरोपी वर्तमान में झारखंड में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) में कार्यरत है। (पूरी खबर पढ़ें) RPSC भर्ती के रिक्रूटमेंट पोर्टल से छेड़छाड़:फर्जी SSO और ई-मेल आईडी से 3 कैंडिडेट्स के आवेदन किए विड्रॉ राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर-2024 भर्ती के रिक्रूटमेंट पोर्टल में अवैध रूप से छेड़छाड़ करने और 3 कैंडिडेट्स के ऑनलाइन फार्म विड्रॉ करने का मामला सामने आया है। (पूरी खबर पढ़ें)