नमस्कार सिरोही में जिस विषय पर सांसद महोदय प्रेस कॉन्फ्रेंस करके निकले, पत्रकार ने रोक कर उसी की ‘फुल फॉर्म’ पूछ ली। महोदय सकपका गए। नागौर में कांग्रेस के पूर्व सांसद ने RLP सांसद की तुलना भगवान हनुमान से कर डाली और भिवाड़ी में फर्जी IPS ओवर कॉन्फिडेंस में थाने पहुंच गया और होटल में कमरा बुक करने का आदेश दे दिया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. सांसद लुंबाराम का सवालों से सामना सांसद महोदय शिक्षा की अलख का महत्व समझते हैं। यही कारण है कि 51 की उम्र में भी बेझिझक 10वीं का एग्जाम दिया और किसी तरह पास भी हुए। इसका ये अर्थ नहीं कि उन्हें सरेराह पकड़ कर उनके साथ ‘प्रश्नोत्तरी’ या ‘केबीसी’ खेलना शुरू कर दिया जाए। पहले ही सांसद महोदय सीधे-सरल आदमी हैं। सिरोही में वीबी-जी राम जी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सांसद महोदय भवन से बाहर निकलकर कार की तरफ चले तो एक पत्रकार ने पकड़ लिया। एकाध मिनट इधर-उधर की बातें करने के बाद सांसद का ‘फ्री स्टाइल एग्जाम’ लेना शुरू कर दिया। पूछा-भाजपा के नए अध्यक्ष का नाम क्या है? अब हद देखिए कि नए अध्यक्ष से सांसद जी मिलकर आए। बातें हुईं। लेकिन नाम जुबान पर न आए। मोदी जी को ले आए, भजनलाल जी को ले आए, लेकिन नए अध्यक्ष का नाम न ला पाए। नकल-चीटिंग, पेपरलीक की कोई गुंजाइश नहीं। सांसद परेशान। पत्रकार ने दूसरा सवाल दागा-अच्छा, ये बता दीजिए कि वीबी जी-राम-जी की फुल फॉर्म क्या है? दूसरा सवाल पहले से ज्यादा खतरनाक। हालांकि चंद मिनट पहले इसी विषय पर सांसद महोदय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। लेकिन उन्होंने सोचा नहीं था कि बाहर निकलते ही यह ‘अग्निपरीक्षा’ देनी पड़ेगी। उन्होंने इधर-उधर देखा। कोई पोस्टर-बैनर नहीं। साथियों की तरफ आंखें नचाई। लेकिन कोई फायदा नहीं। आखिरकार पास खड़े पीए को माजरा समझ आया। माननीय मुश्किल में हैं। वह बीच में कूदा और सांसद महोदय को कार की तरफ इशारा करके कहा-वहां कोई आपको बुला रहा है। माननीय को और क्या चाहिए था। तुरंत चल पड़े। पत्रकार से मुक्ति मिली। लेकिन तब तक कैमरा बहुत कुछ रिकॉर्ड कर चुका था। 2. बद्रीराम बोले- ये किसानों के ‘हनुमान’ कांग्रेस को RLP से बहुत उम्मीदें हैं। यही कारण है कि कांग्रेस नेता रह-रहकर हनुमान बेनीवाल की शान में कशीदे गढ़ रहे हैं। नागौर में रामकथा हुई। कथा में पाली से कांग्रेस के पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ पहुंचे। इधर, आरएलपी से सांसद हनुमान बेनीवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों नेता गले मिले। चूंकि दोनों पार्टियां सत्ता से बाहर हैं। दोनों का टारगेट एक है। इसलिए गलबाहियों पर कोई ऐतराज भी नहीं। लेकिन जब बद्रीराम मंच पर चढ़े तो हनुमान बेनीवाल की तुलना भगवान हनुमान से करने लगे। जोश में अंगद वाला किस्सा हनुमान जी के नाम से सुना डाला। कहा- एक वो हनुमान थे जिन्होंने राम का साथ दिया। रावण के सामने पैर जमा दिया। कहा-उठा। रावण हिला भी नहीं पाया। एक हमारे हनुमान हैं जो किसानों के हनुमान बन गए हैं। कार्यक्रम में शामिल संत रामदास शास्त्री बयानबाजी में और आगे निकल गए। उन्होंने भी बेनीवाल की बड़ाई की। कहा- बचपन में शैतानी करने पर बच्चों को डराया जाता था। कहा जाता था- हाबू आ जाएगा। आजकल सरकार को यह कहकर डराया जाता है कि हनुमान बेनीवाल आ जाएगा। 3. फर्जी IPS पुलिस से बोला-होटल में कमरा बुक करो लड़का यूपी के बागपत का रहने वाला था। सॉफ्टवेयर इंजीनियरी की पढ़ाई की थी। किसी तरह पुलिस-प्रशासन के प्रोटोकॉल की बारीकियां सीख गया था। उसने मेहनत से नौकरी-धंधा करने की बजाय जल्दी कमाई करने की तरकीब निकाली। IPS का फर्जी कार्ड बनवाया। काली स्कॉर्पियो के शीशे पर लिखवाया-पुलिस। कार के डैशबोर्ड पर फाइलों का ढेर लगा दिया। झूठ बोलने के लिए जिस आत्मविश्वास की जरूरत होती है, वह उसने खुद के दिमाग से कूट-कूट कर जरूरत से ज्यादा भर लिया। इस तरह उसका आत्मविश्वास ओवरकॉन्फिडेंस बन गया। इसी ओवर कॉन्फिडेंस में अंधा होकर उसने स्कॉर्पियो सीधे भिवाड़ी थाने के बाहर टिकाई। रौब में जूते ठकठकाते हुए वह अंदर चला गया। गेट पर खड़े संतरी से रौबीली आवाज में कहा-माई नेम इज फलाना कुमार। मैं ढिमकाना आईपीएस हूं। संतरी ने सैल्यूट मारा। लड़का बोला- मैं खुफिया मिशन पर हूं। रात में रुकने के लिए होटल में कमरा चाहिए। अपने अफसर को कहकर बुक कराओ। संतरी थाना इंचार्ज के पास पहुंचा। थाना इंचार्ज ने लड़के को देखा। उसका हुलिया देखा। कार देखी। थाना इंचार्ज ने चंद्रधर शर्मा की ‘उसने कहा था’ पढ़ी थी। उन्होंने मन ही मन सोचा- कुंदा साहब लहना सिंह को मूर्ख नहीं बना सकते। इसके बाद लड़के को एक केबिन में बैठाकर थाना इंचार्ज ने अपने स्तर पर पड़ताल की। अफसरी की हवा खिसक गई। आवाज कड़क करते ही लड़के के हाथ कानों तक पहुंच गए। बोला- सॉरी सर। साहब बोले-स्कॉर्पियो जब्त करो और इसको बोलेरो में बैठाओ। (इनपुट सहयोग- भरत माली (जालोर), नीरज हरिव्यासी (सिरोही), हनुमान तंवर (नागौर), अनूप कौशिक (भिवाड़ी)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…