पूरे उत्तर भारत में जारी शीत लहर के प्रकोप के बीच, पठानकोट में एक भिखारी ने जरूरतमंदों के लिए गर्म कंबलों का लंगर लगाया। इस दौरान लगभग 500 कंबल वितरित किए गए। खुद भीख मांगकर गुजारा करने वाले इस व्यक्ति के इस कार्य की सराहना की जा रही है। इस शख्स का नाम राजू भिखारी बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड काल के दौरान उनके सेवा कार्यों का जिक्र ‘मन की बात’ कार्यक्रम में किया था। राजू का यह कदम उन संपन्न लोगों के लिए एक मिसाल है, जो गरीबों की मदद करने से कतराते हैं।। सरकार से अपने लिए घर की मांग की राजू ने इस अवसर पर सरकार से अपने लिए घर की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके पास रहने के लिए कोई स्थायी जगह नहीं है। कंबलों के लंगर के बारे में पूछने पर राजू ने बताया कि उन्होंने 10-10 रुपए जोड़कर यह व्यवस्था की है। राजू ने कहा, ‘शायद परमात्मा ने मेरी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद आए, उसकी मदद की जाए। परमात्मा करवाता जाता है और मैं करता जाता हूं।’ यह दर्शाता है कि वे अपनी सेवा को ईश्वरीय कार्य मानते हैं। मौके पर मौजूद आम आदमी पार्टी के नेता ‌विश्व शर्मा ने भी राजू के इस कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोगों को राजू से प्रेरणा लेनी चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।