भास्कर न्यूज | जालंधर कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा सांसद निधि से खरीदी गई सीवर जेटिंग मशीन अपग्रेड होगी। 6 महीने पहले यह मशीन खरीदी गई थी, लेकिन क्षमता कम होने के कारण अब तक इसका उपयोग नहीं हो पाया था। कैंट इलाके के वार्डों में लोग सीवर जाम की समस्या से बेहाल हैं। हाल ही में कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में सिविल सदस्य ने जेटिंग मशीन के उपयोग नहीं करने पर सवाल उठाए थे। इस पर अधिकारियों का तर्क था कि कैंटोनमेंट बोर्ड मशीन के लिए कैपेसिटी पंप की खरीद करेगा। इसके बाद सीवर की सफाई शुरू होगी। जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि अभी मशीन की क्षमता 150 एलपीएम है। अब इसे बढ़ाकर 220 एलपीएम किया जाएगा। मशीन में पंप सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका मुख्य काम पानी को तेज दबाव के साथ पाइपों में भेजना है, ताकि जमी हुई गंदगी को साफ किया जा सके। सिविल सदस्य पुनीत भारती शुक्ला ने कहा कि कैंटोनमेंट बोर्ड ने पहले सीवर जेटिंग मशीन की खरीदी की। इस दौरान पंप की क्षमता को नहीं देखा। अब बोर्ड मीटिंग में मशीन के उपयोग नहीं होने पर सवाल उठाए, तो मशीन को अपग्रेड होने की बात कही, जबकि मशीन की क्षमता को पहले ही देखना चाहिए था। सतिंदर महाजन, रिटायर्ड एसई, निगम सीवर जेटिंग मशीन की क्षमता 150 एलपीएम है। अपग्रेड होने पर 220 एलपीएम हो जाएगी। ऐसा होने से मशीन से हाई-प्रेशर से पानी सीवर लाइन की ब्लॉकेज को खोल देगा, तो सीवर लाइन क्लीयर होगी। वहीं मशीन की क्षमता बढ़ने से मेन सीवर लाइन की सफाई का काम भी होगा। पंप का प्राथमिक काम सामान्य पानी के प्रवाह को हाई-प्रेशर जलधारा में बदलना है। यह दबाव इतना शक्तिशाली होता है कि यह पाइप के अंदर जमी सख्त से सख्त गंदगी, जैसे जमे हुए तेल, पेड़ों की जड़ें और मलबे को काट कर अलग कर देता है। पंप की क्षमता यह भी तय करती है कि प्रति मिनट कितना पानी बाहर निकल रहा है।