राजस्थान ग्रेड फोर्थ (चपरासी) भर्ती परीक्षा शुक्रवार से शुरू हो गई। एग्जाम को देखते हुए रोडवेज की तरफ से परीक्षार्थियों के लिए बसों में सफर फ्री किया हुआ है। अतिरिक्त बसें भी लगाने का दावा है, लेकिन इसके उलट पहले ही दिन की परीक्षा के बाद अपने घरों की तरफ लौटने के लिए परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ा। यही नहीं, एग्जाम सेंटर तक पहुंचने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। ऑटो वालों ने मनमाना किराया मांगा। ऐसे में कई परीक्षार्थी पैदल ही परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे ज्यादा सीकर रूट की बसों में अभ्यर्थी
फ्री सफर की सुविधा होने के कारण ज्यादातर परीक्षार्थी रोडवेज में ही सफर कर सेंटर तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। रोडवेज ट्रैफिक मैनेजर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सबसे ज्यादा परीक्षार्थी सीकर–नीमकाथाना से जयपुर सफर करेंगे। तीन दिन में 27 हजार 800 परीक्षार्थी बस से जयपुर आएंगे और यहां से सीकर जाएंगे। यानी रोज 9 हजार 200 परीक्षार्थी दोनों पारियों में सीकर से आएंगे। वहीं दौसा से 20714, झुंझुनूं-खेतड़ी से 6 हजार, धौलपुर से 6 हजार, करौली से 7 हजार, टोंक से 2750 स्टूडेंट्स रहेंगे। रोडवेज का दावा- कोई दिक्कत नहीं होगी, 20–20 बसें स्पेयर में
परीक्षा के दौरान अलग-अलग रूट पर परीक्षार्थी दोनों पारियों में आएंगे और जाएंगे। ऐसे में बसों में जगह नहीं मिलने से उन रूट पर सफर करने वाले आम यात्रियों को परेशानी होगी। हालांकि रोडवेज ट्रैफिक मैनेजर सुरेंद्र कुमार का कहना है कि यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। ज्यादातर परीक्षार्थियों को लोकल सेंटर मिलने से उतनी भीड़ नहीं होगी। फिर भी अगर भीड़ बढ़ती है तो 20–20 बसें स्पेयर में लगा रखी है। इसके अलावा करीब अस्सी बसों को भी रेडी रखने को कहा है। पहले दिन ही बसों में पैर रखने की जगह नहीं
भास्कर टीम रोडवेज के दावों की स्थिति जानने बस स्टैंड पहुंची। यहां स्टूडेंट्स की भीड़ नजर आई। पूछताछ केंद्र पर भी परीक्षार्थियों को सही जानकारी तक नहीं मिल पा रही थी। बसों में जमकर भीड़ थी। खासकर सीकर, झुंझुनूं जाने वाली बसों में पैर रखने की जगह नहीं थी। इस रूट की कोई बस आती तो परीक्षार्थी दौड़ते हुए सबसे पहले बस में घुसने की कोशिश करते नजर आए। कोई बस की खिड़की में से घुसता नजर आया तो कोई बस के गेट पर लटकते हुए सफर करते नजर आया। जिन लोगों ने टिकट ले रखे थे, उन्हें तक बस में बैठने की जगह नहीं मिल रही थी। ऑटो ड्राइवरों ने मनमाना किराया वसूला, पैदल चलकर परीक्षा केंद्र पहुंचे
एग्जाम देने के लिए बड़ी तादाद में परीक्षार्थी जयपुर पहुंचे। बसों में भीड़ को देखते हुए कई अभ्यर्थी ट्रेन से भी आए तो कई एक दिन पहले गुरुवार शाम को ही जयपुर पहुंच गए ताकि परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंच सके। यहां आने के बाद सेंटर तक पहुंचने के लिए परीक्षार्थियों को ऑटो ड्राइवरों की मनमानी किराया वसूली का सामना करना पड़ा। नीमकाथाना के गोविंदपुरा से आए विकास वर्मा ने बताया कि वे लोकल ट्रेन से ढहर के बालाजी तक आए थे। भीड़ ज्यादा होने से वह इसी स्टेशन पर उतर गए। सुबह परीक्षा केंद्र जाने के लिए ऑटो किया उसने 400 रुपए मांगे, जबकि मेरा सेंटर सिंधी कैंप इलाके में ही था। ऐसे में मुझे 6 किलोमीटर पैदल चलकर सेंटर पहुंचना पड़ा। सीकर से परीक्षा देने आए आदित्य राज ने बताया कि आम तौर पर जयपुर में ऑनलाइन बाइक या कैब बुक करवाने पर जो किराया आता है, उससे ज्यादा किराया मांग रहे थे। ऑटो टैक्सी वाले शेयरिंग में भी 50 –50 रुपए मांग रहे हैं। नगर से आए निरंजन ने बताया कि बसों में काफी भीड़ है। आम यात्री भी होते रहे परेशान, कंडक्टर ड्राइवर सवारी चढ़ाने को करते रहे मना
एग्जाम के कारण हुई भीड़ से आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। भास्कर टीम वहां थी इसी दौरान एक बस आई। बस सीकर-झुंझुनूं जा रही थी। बस में चढ़ने के लिए लोगों को मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान वहां सीकर के ओमप्रकाश कंडक्टर से बहस करते मिले। ओम प्रकाश ने बताया कि उन्हें सीकर जाना है। टिकट ले ली, अब कंडक्टर कह रहा है बस सीधे झुंझुनूं रुकेगी। ऐसा था तो टिकट क्यों दिया? बीच में उतरने वाला कहां जाएगा? खिड़की से बसों में घुस रहे, कांच तोड़ने की कोशिश
सीकर से आई बस की कंडक्टर सुनीता ने बताया कि सुबह सीकर से बस लेकर आए थे। बस में परीक्षार्थियों की जबरदस्त भीड़ थी। बस में कुछ युवक खिड़कियों से अंदर घुसे, खिड़की तोड़ दी। कांच के पास लगा डंडा तोड़ दिया, इनको कैसे कंट्रोल करें? अब दूसरे रूट पर गाड़ी लगा दी। ड्राइवर रघुराज ने बताया कि परीक्षार्थी जो बस आ रही है उसमें घुस रहे है। हमने तो आज खाना तक नहीं खाया।