चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने दुकानें बचेने के नाम पर 21 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूर्व नियोजित तरीके से छल- कपट से पीड़ित से पूरी रकम प्राप्त करने के बावजूद दुकानों की रजिस्ट्री नहीं करवाई और बाद में वही दुकानें अन्य लोगों को बेच दीं। ये है मामला जितेन्द्र सिंह सोढा ने 14 जुलाई 2025 को थाने में न्यायालय के माध्यम से परिवाद देकर बताया था कि बाबूलाल से उसकी पूर्व से जान-पहचान थी। आरोपी ने अपनी आर्थिक तंगी व पारिवारिक आवश्यकताओं का हवाला देते हुए कॉलोनी के बाहर स्थित पाँच दुकानों को बेचने की बात कही। दुकानों का सौदा 21 लाख रुपए में तय हुआ, जिसकी राशि पीड़ित ने वर्ष 2022-2023 के दौरान किश्तों में बाबूलाल को उसके घर जाकर अदा की गई। जनवरी 2023 में पूरी राशि प्राप्त करने के बाद भी अभियुक्त ने रजिस्ट्री नहीं करवाई और अतिरिक्त राशि की मांग करने लगा। 23 जनवरी 2023 को न्यायालय परिसर में नोटरी एग्रीमेंट किया गया, जिसमें पीड़ित को दस्तावेजों की प्रतिलिपि, मूल पट्टा एवं एक दुकान की चाबी दी गई। अन्य लोगों को बच दी दुकानें इसके बाद आरोपी ने बहाने बनाकर रजिस्ट्री टालते हुए पीड़ित से मूल पट्टा भी वापस ले लिया। जनवरी 2025 में पीड़ित को जानकारी मिली कि अभियुक्त बाबूलाल ने उक्त दुकानें किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी हैं, जबकि पीड़ित से पूरी राशि पहले ही प्राप्त की जा चुकी थी। पुलिस कार्रवाई केस दर्ज होने के बाद थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी बेचाननामा तैयार कर दुकानों को अन्य व्यक्तियों को बेच दिया। इस पर पुलिस ने आरोपी बाबूलाल पुत्र धन्नाराम उर्फ धनराज को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

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