विप्र फाउंडेशन ने अगले वर्ष 8 मार्च से 19 अप्रैल 2026 के बीच तीर्थराज पुष्कर में होने वाले 200 कुण्डीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह सभा विप्र फाउंडेशन द्वारा पीरू सिंह सर्किल स्थित खाना खजाना रेस्टोरेंट सभागार में बुलाई गई थी। इस कार्यक्रम में यज्ञ सम्राट स्वामी प्रखर महाराज और बिसाऊ पीठ के महंत रवि नाथ महाराज सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। गायत्री मंत्र की शक्ति और यज्ञ का महत्व सभा को संबोधित करते हुए, स्वामी प्रखर महाराज ने ब्राह्मण समाज को उसकी शक्ति और गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया। उन्होंने गायत्री मंत्र की महिमा और उसके जप तथा यज्ञ के चमत्कारी लाभों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र की शक्ति ही ब्राह्मणों को बल प्रदान करती है, जिससे वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, रोजगार, संस्कार और यश प्राप्त करते हैं। महायज्ञ में सहयोग का आह्वान स्वामी प्रखर महाराज ने सभी से इस महायज्ञ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी को घी, समिधा, गायत्री मंत्र जाप और आर्थिक सहयोग जैसे विभिन्न सेवा कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम शर्मा गुरुजी ने भी सभी विप्रजनों से इस विराट महायज्ञ में शामिल होने का आह्वान किया। समाज के श्रेष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन ने समाज में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 38 विप्रजनों को सम्मानित किया। उन्हें महाराज और विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा शॉल, माला, कैप, गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष कमल कांत शर्मा ने अतिथियों, मातृशक्ति और युवाओं का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन जिला संयोजक उमाशंकर महमिया ने किया, जबकि संचालन संगठन महामंत्री रामगोपाल महमिया ने किया। देशभर से आए प्रमुख व्यक्ति इस आयोजन में महाराष्ट्र ज़ोन-12 के अध्यक्ष आचार्य सुभाष शर्मा, आचार्य अंकित और इंदौर से अशोक जोशी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा, राजस्थान के विभिन्न जिलों से कई प्रमुख ब्राह्मण नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस सभा में शामिल हुए, जिन्होंने यज्ञ में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र बंधु उपस्थित रहे।