स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने वनरक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर भोपाल की प्रिंटिंग प्रेस से चुराकर मुख्य सरगना को बेचने वाले आरोपी केडी डॉन को बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने यह पेपर 23 लाख रुपए में बेचा था। आरोपी ने यह रकम नकद और ऑनलाइन माध्यमों से टुकड़ों-टुकड़ों में ली थी। अतिरिक्त महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया- 13 नवंबर 2022 को हुई वनरक्षक भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपए के इनामी बदमाश जबराराम जाट ने पूछताछ में इस आरोपी का खुलासा किया था। प्रिंटिंग प्रेस में बाइंडिंग का काम करता था आरोपी
अतिरिक्त महानिदेशक एसओजी विशाल बंसल ने बताया- गिरफ्तार आरोपी खिलान सिंह उर्फ केडी डॉन निवासी भोपाल मध्य प्रदेश है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि खिलान सिंह भोपाल स्थित रुचि प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा था, जहां वनरक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर छपा था। वहीं वह बेल कंपनी में बाइंडिंग का काम करता था। खिलान सिंह ने प्रिंटिंग प्रेस में कार्यरत अन्य कर्मचारियों की मदद से वनरक्षक भर्ती परीक्षा की दोनों पारियों के गोपनीय पेपर चुराए थे। उसने स्वीकार किया कि उसने ये पेपर मुख्य आरोपी जबराराम जाट को 23 लाख रुपए में उपलब्ध कराए थे। रुचि प्रिंटिंग प्रेस के अन्य कर्मचारियों के नाम भी उजागर
एडीसी बंसल ने बताया- खिलान सिंह ने पूछताछ के दौरान रुचि प्रिंटिंग प्रेस के कुछ अन्य कर्मचारियों के नाम भी उजागर किए हैं। एसओजी टीम अब इन सभी संदिग्ध कार्मिकों की तलाश कर रही है। इस कार्रवाई से पेपर लीक के कई और राज खुलने की संभावना है। यह खबर भी पढ़ें… वन रक्षक भर्ती पेपरलीक का इनामी मुख्य आरोपी गिरफ्तार:50 हजार का इनाम घोषित था, ATS और SOG की संयुक्त टीम ने गुजरात से दबोचा वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2020 पेपर लीक मामले में इनामी मुख्य आरोपी को गुजरात से दबोचा। गुजरात एटीएस और राजस्थान एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। अब आरोपी को गुजरात से बांसवाड़ा लाया जा रहा है। आरोपी जबराराम पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। (पूरी खबर पढ़ें)