संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। 1 से 19 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कई मुद्दों पर सवाल उठाए जाएंगे। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत पर उदयपुर की जनता की नजर रहेगी। अब तक 7 सत्र में कई मुद्दों पर पैरवी कर चुके रावत इस शीतकालीन सत्र के लिए 75 सवालों का ब्योरा तैयार किया है। इस सत्र में रावत शिक्षा-रोजगार, ट्रेन-फ्लाइट और हाईवे कनेक्टिविटी, कृषि के साथ उदयपुर लोकसभा की 400 बावड़ियों के जीर्णोद्धार की मांग उठाएंगे। दैनिक भास्कर ने सांसद मन्नालाल रावत से बातचीत कर उनसे शीतकालीन सत्र की प्लानिंग जानी। इससे पहले के सत्र में रावत ने कुल 41 प्रश्न पूछे थे। वे सवाल पूछने के मामले में राजस्थान के टॉप 3 सांसदों में एक हैं। सांसद मन्नालाल रावत का इंटरव्यू: जानिए शीतकालीन सत्र में किन मुद्दों पर रहेगी नजर सवाल : इस बार उदयपुर शहर के लिए क्या प्लान है?
जवाब : उदयपुर से एयरपोर्ट रूट पर ट्रैफिक जाम की ज्यादा दिक्कत है। प्रतापनगर से देबारी तक करीब 2.5 किमी लंबी एलिवेटेड रोड बनाकर इसका समाधान किया जा सकता है। इससे लाखों लोगों को फायदा मिलेगा और हादसों में भी कमी होगी। उदयपुर में सीजीएचएस वेलनेस सेंटर खुलने की घोषणा हो चुकी हैं। इसकी प्रक्रिया पूरी कर जल्द यह काम शुरू करवाने पर फॉलोअप करेंगे। उदयपुर एयरपोर्ट पर रात के समय भी फ्लाइट शुरू करने और इंटरनेशनल फ्लाइट शुरू करने की डिमांड करेंगे। एयरपोर्ट पर जो काम चल रहा है, वो समय से पूरा हो। सवाल : केंद्र और राज्य सरकार के बीच कुछ जातियों में आरक्षण को लेकर लिस्टेड गैप है। कई जातियां है, जो राजस्थान में है मगर केंद्र में लिस्टेड नहीं है।
जवाब : राजस्थान में ऐसी कई जातियां और समाज है, जिन्हें राजस्थान में आरक्षण दिया जा रहा है, मगर उन्हें केंद्र में फायदा नहीं मिल रहा है। ओबीसी से जुड़ी कई जातियों को केंद्र से जुड़वाने की भी योजना है। सवाल : उदयपुर को दक्षिण भारत से ट्रेन मार्ग से जोड़ने की मांग है, उदयपुर से वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बहुत कम है। इसको लेकर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
जवाब : उदयपुर को दक्षिण भारत से रेल मार्ग से जोड़ने के लिए प्रयास जारी है। उदयपुर से दक्षिण के बड़े टूरिस्ट सिटीज के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी का प्लान बनाया है। अजमेर और अहमदाबाद में कई ट्रेनें 12 घंटे से ज्यादा रुक रही हैं, उन्हें उदयपुर तक बढ़ाया जा सकता है। राजस्थान के अन्य शहरों से भी वंदे भारत दिल्ली और मुंबई जा रही है तो उदयपुर से दिल्ली और उदयपुर से वाया सूरत होकर मुंबई तक वंदे भारत की मांग उठाएंगे। इसके अलावा उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर विद्युत लाइन को डबल करने की मांग कर रहे हैं।
सवाल : हाईवे पर ब्लैक स्पॉट को लेकर क्या स्थिति है? नए हाईवे के लिए क्या मांग है?
जवाब : उदयपुर-पिंडवाड़ा और अन्य हाईवे पर ब्लैक स्पॉट चिह्नित करवाए थे। कुछ पर काम भी शुरू हो गया है। उदयपुर-अहमदाबाद सिक्स लेन हाईवे पर 5 में से 3 ब्लैक स्पॉट भी ठीक हुए हैं। बचे हुए 2 पॉइंट्स को भी ठीक करवाने पर पूरा फोकस है। उदयपुर-बांसवाड़ा स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे बनवाने की मांग भी कर रहे हैं। सवाल : सलूंबर जैसे नए जिले के लिए क्या योजनाएं हैं?
जवाब : सलूंबर के जिले बनने के साथ अब मेडिकल कॉलेज और नवोदय स्कूल बनवाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला मुख्यालय के लिए जरूरी चीजों पर पूरा प्लान है। इस पर केंद्र से भी लगातार मांग की जा रही है। सवाल : मेवाड़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के लिए क्या मांग है?
जवाब : उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में 400 से ज्यादा बावड़ियां हैं। कई बावड़ियों की तो हालत काफी खराब है। उनके जीर्णोद्धार की मांग उठाएंगे। स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर चावंड में महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाई जा सकती है। देश के 10 जनजाति स्मारक संग्रहालय की तर्ज पर मानगढ़ धाम को भी डेवलप किया जाए, इसकी मांग करेंगे। सवाल : उदयपुर लोकसभा का अधिकांश भाग जनजाति वर्ग का है। उनके लिए इस बार का क्या प्लान है?
जवाब : धरती आबा उन्नत ग्राम आबा के तहत अभी 250 से ज्यादा की आबादी से इस कैटेगरी में आ रही है। इसको 50 से अधिक की बस्तियों के लिए बदलवाने की मांग कर रहे हैं, ताकि ज्यादा अच्छे से विकास हो सके। उदयपुर क्षेत्र में जनजाति आबादी बिखरी हुई है। यहां छोटे-छोटे पहाड़ियों पर कम समूह में लोगों की बस्तियां हैं। इस योजना में बदलाव होने से सड़क समेत कई बड़ी योजनाओं का सीधा फायदा मिलेगा। सवाल : उदयपुर दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र है। पर्यटन के लिए क्या प्लान है?
जवाब : देश-दुनिया में पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उदयपुर सबकी पहली पसंद है। देश के 50 शहरों में उदयपुर को शामिल किया गया है, जहां सरकार इस पर काम कर रही है। उदयपुर की क्या भूमिका होगी और यहां के व्यक्ति का रोजगार बढ़ाने की मांग करेंगे।