सोशल मीडिया और एप पर ऑनलाइन विज्ञापन देकर साइबर ठगी करने के वाले गिरोह का खुलासा करते हुए वेस्ट जिले की साइबर सेल ने वीकेआई में दबिश देकर 6 बदमाशों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी रवि शंकर योगी करौली के टोडाभीम, विनोद कुमार मीणा लक्ष्मी नगर अखैपुरा, मेहर खान करनी विहार आकेड़ा डूंगर व सूरज मीणा करणी विहार कॉलोनी रोड नंबर 17 के रहने वाले हैं। दो को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल व चेक बुक मिली है। बैंक खाते में 5 माह में 2 करोड़ का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस ने आरोपी की दुकान और कमरे की तलाशी ली तो वहां पर कॉपी-कैट मार्केटिंग (आपके दौलतमंद बनने की राह) बुक मिली। इसके संबंध में पूछताछ की तो बताया कि दो माह पहले दिल्ली से खरीदी हैं, बुक में शॉर्टकट मार्केटिंग के तरीके लिखे थे, लेकिन बदमाशों ने शॉर्टकट ठगी के तरीके सीखे। सरगना ठगी के पैसों को ऑनलाइन सट्टा एप में निवेश करता था। पुलिस को 500 डॉलर निवेश के साक्ष्य मिले है। वीकेआई एसएचओ रविन्द्र नरूका मामले की जांच कर रहे है। सरगना धोखाधड़ी से ठगे गए पैसे सट्टा एप में निवेश कर रहा था। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया कि साइबर सेल के कांस्टेबल रोशन व जेआर सामोता को गिरोह का इनपुट मिला था। इसके बाद चौमूं एसीपी आईपीएस उषा यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने दबिश देकर आरोपियों को दबोच लिया। गिरोह के सरगना रवि शंकर योगी व विनोद कुमार मीणा ने वीकेआई में 2500 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से दुकान किराए पर ली। वहां बैठकर अलग-अलग एप के जरिए सस्ते भावों में पेपर रीम बेचने के विज्ञापन अपलोड करते थे। पार्टी फंसते ही एडवांस पैसे जमा करवा लेते थे। इसके बाद सिम बंद करते और विज्ञापन में दूसरे नंबर डालकर दुबारा अपलोड कर देते थे। इधर, आरोपियों ने सूरज मीणा और मेहर खान को कमिशन के आधार पर बैंक खाते लाने की जिम्मेदारी दे रखी थी, जो बैंक खाते और एटीएम की व्यवस्था करते थे। शॉर्टकट मार्केटिंग के फंडे सीख ठगी में उतरे गिरोह के खिलाफ देशभर में 12 शिकायतें दर्ज पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 13 लाख रुपए की ठगी के संबंध में 12 शिकायते मिली हैं, बाकी सिमकार्ड के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही हैं। क्योंकि आरोपियों ने पिछले 5 माह में 25 से ज्यादा सिमकार्ड बदले है, जिनका संबंधित कंपनियों से रिकॉर्ड मांगा है।
