उत्तर पश्चिम रेलवे 15 नवंबर को 70 स्टेशनों पर डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) मेगा कैंप का आयोजन करेगा। इस अभियान का लक्ष्य लगभग 25,000 सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए जागरूक करना है। डीएलसी अभियान 4.0 के तहत अब तक डेढ़ हजार से अधिक सेवानिवृत्त रेलकर्मियों के ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 नवंबर को अजमेर मंडल के अजमेर, किशनगढ़, नसीराबाद, भीलवाड़ा, आबू रोड सहित 18 स्टेशनों पर कैंप लगेंगे। इसी तरह, बीकानेर मंडल के बीकानेर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर, चुरु, हिसार सहित 22 स्टेशनों, जयपुर मंडल के जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, बांदीकुई सहित 15 स्टेशनों और जोधपुर मंडल के जोधपुर, मकराना, डेगाना, मेड़ता रोड, जैसलमेर, बाड़मेर सहित 15 स्टेशनों पर भी मेगा कैंप आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में मंगलवार को मुख्यालय में पीसीपीओ पी.के. सिंह और पीएफए गीतिका पांडे ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। सीपीआरओ शशि किरण ने बताया कि बैठक में एनडब्ल्यूआरईयू के महामंत्री मुकेश माथुर, जीएलओ सचिव राजीव सारण, मजदूर संघ के महामंत्री विनोद मेहता, एससी/एसटी जोनल अध्यक्ष टीकाराम मीणा और बी.एल. बैरवा सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जानकारी दी गई कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए एक विशेष ऐप लॉन्च किया गया है। यह ऐप फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर पेंशनभोगी के चेहरे को स्कैन करके जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेगा। इस सुविधा से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स भी बिना बैंक जाए घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। रेलवे ने पेंशनर्स से अपील की है कि वे इस संबंध में प्राप्त किसी भी ओटीपी को किसी के साथ साझा न करें और केवल रेलवे की आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें। इस बैठक में सीपीओ विनोद कुमार, एफए (डब्ल्यूएस) डॉ. विष्णु बजाज, एफए (आईटी) निष्ठा पुरी और एपीओ अमृत लाल मीणा भी उपस्थित रहे।