डामर प्लांट के उद्घाटन में जा रही PWD की बोलेरो ने भाई और बहन को कुचल दिया। पास ही खड़े महिला के बेटा और बेटी भी इसकी चपेट में आ गए। घटना में बहन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भाई ने देर रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार कर दिया है और धरने पर बैठे हैं। आरोप है कि इस सरकारी बोलेरो को PWD XEN चला रहे थे। बेकाबू बोलेरो ने सड़क किनारे खड़े होकर बात कर रहे भाई-बहन और उसके 2 बच्चों को कुचल दिया। इसके बाद XEN और ठेकेदार भाग निकले। अगर वो मौके पर एम्बुलेंस बुला लेते तो 2 जिंदगियां बचाई जा सकती थी। XEN से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया। आरोप है कि XEN ने साथ बैठे ठेकेदार से कहा था- तू साइड में बैठ मैं इस गाड़ी का पायलट हूं। गाड़ी मैं चलाऊंगा। मामला नागौर के जायल के रोल थाना इलाके का है। हादसे में 2 की मौत रोल थाना ASI मोटाराम चौधरी ने बताया- घटना 10 नवंबर की दोपहर की रातंगा पौह चौराहे का है। यहां PWD के वाहन से कुचलने से 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 2 घायल हैं। मृतकों में कसनाऊ (जायल) निवासी संतोष (35) पत्नी परसाराम की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पुत्री सरिता (19) और भाई प्रहलाद (37) गंभीर रूप से घायल हो गए। छोटा बेटे पवन को हल्की चोटें आई थी। प्रहलाद और सरिता को जोधपुर के MDM रेफर किया गया था। यहां देर रात प्रहलाद की मौत हो गई। जबकि सरिता के दोनों पैर फ्रैक्चर हैं और उसका इलाज जारी है। XEN तड़पता छोड़ भागे RLP नेता अनिल बारूपाल ने बताया- संतोष अपने बेटे पवन और बेटी सरिता के साथ भाई प्रह्लाद के यहां आ रही थी। स्कूटी संतोष की बेटी सरिया चला रही थी। इस दौरान प्रहलाद रास्ते में ही मिल गया। चारों वहां खड़े होकर बातें कर रहे थे। इसी दौरान PWD लिखी तेज रफ्तार बोलेरो आई और चारों को कुचल कर पेड़ से जा भिड़ी। इसमें मौजूद XEN शिव कुमार और एक ठेकेदार थे। जो चारों को मौके पर ही तड़पता छोड़ गए। XEN ने हादसे के बाद अस्पताल में एडमिट होने का नाटक किया। उन्होंने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की बजाय भाग निकले। प्रहलाद और भांजी तड़पते मिले घटना की जानकारी ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो संतोष वहां मृत पड़ी थी। घायल प्रहलाद और उसकी भांजी सरिता दर्द से तड़प रहे थे। वहीं मासूम पवन रो रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत निजी संसाधनों से रोल अस्पताल पहुंचाया। जहां से उनको नागौर और बाद में घायल प्रहलाद और सरिता को जोधपुर रेफर कर दिया गया। जबकि मृतक संतोष का शव मॉर्च्युरी में रखवाया दिया गया। 8 बच्चों के सिर से उठा मां का साया परिजनों ने बताया- संतोष के 7 बेटियों के बाद एक बेटा हुआ था। वहीं प्रहलाद के तीन बेटियां और 4 माह का बेटा है। प्रहलाद मेहनत मजदूरी करके अपना घर चला रहा था लेकिन आज MDM में इलाज के दौरान उसकी भी मौत की सूचना के बाद दोनों ही गांवों में शोक की लहर है। देखिए हादसे की 2 तस्वीरें… अकेले कमाने वाले थे प्रहलाद इस एक हादसे ने संतोष की 7 बेटियों और एक 18 माह के मासूम से मां का साया छीन लिया तो मृतक प्रहलाद के 3 बेटियों और चार माह के मासूम से पिता का साया छीन लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर आरोपी XEN शिवकुमार इंसानियत दिखाते तो यह दो घर उजड़ने से बच जाते। प्लांट उद्घाटन में जा रहे थे XEN जानकारी के अनुसार XEN शिवकुमार एक डामर प्लांट के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। वे यहां मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। उनके साथ एक ठेकेदार भी था। आरोप है कि घटना के बाद XEN शिवकुमार किसी अन्य कार में बैठकर वहां से भाग गए। उनके एक पैर में भी फ्रैक्चर होने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कार मेरे XEN का पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। धरने पर परिजन इसके बाद अपनी मांगो को लेकर फिलहाल परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और XEN के निलंबन की मांग को लेकर JLN अस्पताल में मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बेठे हैं। प्रशासन द्वारा परिजनों से समझाइश की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने निकाला कैंडल मार्च घटना के विरोध में देर शाम ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान ग्रामीण हाथों में कैंडल थामे नारेबाजी करते नजर आए। बाद में कलेक्ट्रेट पहुंच कर ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना भी दिया।