बीएसएफ अपना 60वां स्थापना दिवस (डायमंड जुबली) धूमधाम से मना रही है। इसी उपलक्ष्य में जम्मू से भुज तक निकली बाइक रैली मंगलवार शाम को श्रीगंगानगर पहुंची, जहां डीआईजी सत्येंद्र गिरी की मौजूदगी में बीएसएफ हेडक्वार्टर पर 48वीं बटालियन ने जवानों का स्वागत किया। रैली हैडक्वार्टर में पहुंचते ही ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा हेडक्वार्टर गूंज उठा। इस दौरान जवानों ने देशभक्ति परफॉर्मेंस दी। साथ ही हथियारों की प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें बीएसएफ के जवानों ने स्कूली बच्चों व एनसीसी को हथियारों की जानकारियां दी। 9 नवंबर से शुरू, 19 को भुज में समापन बीएसएफ असिस्टेंट कमांडेंट सागर पाटिल ने बताया- बाइक रैली 9 नवंबर को जम्मू से रवाना हुई थी। जिसमें 60 जवान शामिल हैं, जिनमें 4 महिला जवान भी हैं। यह जवान 1800 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय करते हुए 19 नवंबर को भुज (गुजरात) में पहुंचेंगे जहां रैली का समापन होगा। रैली का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना, बीएसएफ के योगदान को बताना, युवा पीढ़ी में देशप्रेम जगाना और भर्ती के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, देशवासियों में एकता-सद्भावना का संदेश देना है। प्रदर्शनी में हथियारों के बारे में बताया हेडक्वार्टर में लगी हथियारों की प्रदर्शनी में बीएसएफ के जवानों ने बच्चों को राइफल, पिस्टल और बीएसफ के अन्य हथियारों की जानकारियां दी गई। बीएसएफ ने बताया कि भारतीय सेना के पास आधुनिक हथियार हैं, जो दुश्मन को धूल चटा सकते हैं। बीएसएफ के जवानों ने हथियार कैसे चलाते हैं इसके बारे में बच्चों को विस्तार से जानकारी दी। बीएसएफ देश की पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ के जवानों ने संबोधित करते हुए कहा- सीमा सुरक्षा बल का गौरवशाली इतिहास शौर्य, त्याग और बलिदानों से भरा है। 24 घंटे सरहद पर तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी देकर देश को चैन की नींद सुलाते हैं। बीएसएफ फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस है। जहां जागते हैं जवान, सोता है हिंदुस्तान।