जोधपुर के भोपालगढ़ क्षेत्र के जाजीवाल कलां गांव में भारतीय वायुसेना के सार्जेंट थानाराम जांगिड़ (38) का अंतिम संस्कार किया गया। उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया गया। रविवार को उनकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी पैतृक भूमि पर पहुंची। एयरफोर्स की टुकड़ी ने सलामी देकर उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान पूरा गांव भारत माता की जय और थानाराम अमर रहें के नारों से गूंज उठा। तीन दिन पहले प्रयागराज एयरफोर्स स्टेशन पर थानाराम का निधन ड्यूटी के दौरान हुआ था। 6 नवंबर की सुबह वे अपने नियमित अभ्यास सत्र में भाग ले रहे थे। दौड़ के दौरान अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद वे गिर पड़े। साथियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गांव पहुंची तिरंगे में लिपटी देह
रविवार सुबह जैसे ही एयरफोर्स वाहन थानाराम की पार्थिव देह लेकर जाजीवाल कलां पहुंचा, गांव का माहौल एकदम सन्नाटे में बदल गया। बच्चे जय जवान-जय भारत’ के नारे लगा रहे थे। स्कूल के बच्चे हाथों में झंडे लिए गांव के प्रवेश द्वार तक पहुंचे थानाराम के पिता अखाराम जांगिड़ ने गम और गर्व के बीच कहा कि बचपन से ही उसे सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करनी थी। आज उसने अपना फर्ज निभाकर हम सबको गौरवान्वित किया। थानाराम के छोटे भाई ने बताया कि वे हर बार छुट्टी में गांव लौटकर बच्चों को राष्ट्रगान और अनुशासन सिखाते थे। हवाई फायर और मातमी धुन के बीच दी विदाई
अंत्येष्टि के दौरान वायुसेना बैंड ने मातमी धुन बजाई। वर्दीधारी जवानों ने सलामी देते हुए तीन राउंड हवाई फायर किए। इस दौरान पूरा वातावरण भावुक हो गया। जब वायुसेना अधिकारियों ने थानाराम के पिता को राष्ट्रीय ध्वज और उनकी कैप सौंपी, तो वहां उपस्थित लोगों की आंखें भर आईं।

गांव के बुजुर्ग रामलाल जांगिड़ ने कहा- थानाराम सिर्फ अखाराम का बेटा नहीं था, वो पूरे गांव का बेटा था। उसकी वीरगाथा अब बच्चों को सुनाई जाएगी। थानाराम अपने पीछे पत्नी, एक बेटा, एक बेटी, माता-पिता और भाई छोड़ गए हैं।