‘मेरी बहन ने कोलायत में दर्शन करने के बाद स्टेटस भी लगाया था…हमें नहीं पता था कि वो आखिरी स्टेटस होगा। ये शब्द हैं महेश टाक के, जिनकी बहन ममता (50) उर्फ मीना की फलोदी जिले के मतोड़ा थाना क्षेत्र में भारत माला एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। मीना का बेटा अपनी मां को खोने के गम में बेसुध है। हादसे में टेंपो ट्रेवलर के ड्राइवर फतेहपुरी की जान भी चली गई। फतेहपुरी अपनी बेटी ललिता की शादी के लिए लड़का देख रहे थे। अगले दो-तीन महीनों में उसकी शादी करने की सोच रहे थे। उनकी आंखों में बेटी के भविष्य के सुनहरे सपने थे, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने उन सभी सपनों को पल भर में चकनाचूर कर दिया। फलोदी में रविवार की शाम हुई इस भीषण सड़क हादसे ने 15 यात्रियों की सांसें छीन लीं, जबकि 2 महिलाएं जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। उनका जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। सबसे पहले देखिए, मीना देवी का आखिरी स्टेटस मां को खोने के सदमे बेटा बेसुध
महेश टाक ने बताया- इस हादसे में रावटी रोड (सूरसागर) में रहने वाली मेरी बहन ममता उर्फ मीना (50) पत्नी दीनदयाल की मौत हो गई। मीना अपने पीछे बेटा भरत (35) और बेटी मोंटी (30) को छोड़ गई हैं। महेश ने बताया- मीना ने कोलायत में दर्शन करने के बाद सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था। हमें पता नहीं था कि वो आखिरी स्टेटस होगा। इतना कहते ही महेश फफक कर रो पड़े। आस-पास के लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। वहीं, मीना का बेटा भरत मां को खोने के सदमे में है। भरत ने नम आंखों से बताया कि मां ने फोन पर कहा था कि बेटा, शाम तक मैं घर पहुंच जाऊंगी, लेकिन किसे पता था कि भगवान उन्हें इतनी जल्दी छीन लेगा। बेटी की शादी की तैयारी थी, हादसे ने सब कुछ छीन लिया
हादसे में टेंपो ट्रेवलर के ड्राइवर फतेहपुरी (60) की मौत हो गई। फतेहपुरी बालाजी के अमरावती नगर में रहते थे और मूल रूप से गोलासनी बड़ली के निवासी थे। वे पिछले 25 सालों से ड्राइवर का काम कर रहे थे। फतेहपुरी के भाई मगपुरी (50) ने बताया- फतेहपुरी (60) मेरे बड़े भाई थे। फतेहपुरी अपनी बेटी ललिता की सगाई के लिए रिश्ता देख रहे थे। अगले दो-तीन महीनों में बेटी की शादी करने की प्लानिंग थी, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ बिखेर दिया। फतेहपुरी के 2 बेटे कुशालपुरी (32), रणजीतपुरी (29) और बेटी ललिता है। बड़ा बेटा कुशाल भी टैक्सी ड्राइवर है, जबकि रणजीत ट्रांसपोर्ट ऑफिस में काम करता है। हादसे में 6 साल की दिशा की भी मौत
हादसे में 6 साल की दिशा उर्फ दर्शनी की भी मौत हो गई। दिशा को याद करते हुए मोहल्ले के लोगों ने बताया- वो बेहद हसमुख मिजाज की थी। उसकी प्यारी बोली की वजह से सभी की लाडली थी। उसकी मौत के बाद से ही पूरा मोहल्ला स्तब्ध है। हादसे में एक ही गली की 6 महिलाओं की मौत हो गई। इनके साथ 2 और महिलाएं भी जाने वाली थी, लेकिन आखिरी मौके पर प्लान कैंसिल हो गया। हादसे में अपनी भाभी संजन कंवर को खोने के बाद महिला बेसुध है। रोते हुए वह बस यही कह रही है कि पूरा घर सूना हो गया। हे प्रभु, हमने ऐसा क्या गुनाह किया था, जो मेरे भाइयों का घर बर्बाद हो गया। जोधपुर हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘ओसियां-मंदिर में जल्दी दर्शन के लिए ट्रेवलर में चढ़ी महिलाएं’:दुकानदार बोले- सीट नहीं मिली वरना मैं-पत्नी भी उसी गाड़ी में जाते, जिसमें 15 लोग मारे गए जोधपुर में एक साथ जली 12 चिता, चीख-पुकार मची:भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर 15 मौतों के बाद एक्शन, हाईवे किनारे से अवैध ढाबों को हटाया 15 लोगों की जान लेने वाले हादसे की भयावह PHOTOS:शव देखकर बिलख पड़े परिजन, बेसुध हुए; हर तरफ चीख-पुकार और मातम राजस्थान में खड़े ट्रेलर में घुसा टेंपो ट्रेवलर,15 की मौत:बीकानेर में खिंचवाई फोटो आखिरी बनी; अन्नकूट कार्यक्रम के कारण कई महिलाओं की जान बचीं