जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आज पैन आईआईटी राइजिंग राजस्थान सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें देश दुनिया से राजस्थान मूल के आईआईटीयन और बुद्धिजीवी हिस्सा लेने पहुंचे। आयोजकों ने बताया कि यह भारत के सबसे बड़े एलुमनी आयोजनों में से एक रहा। इस एक दिवसीय सम्मेलन में दो हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिनमें एक हजार से ज्यादा आईआईटी ग्रेजुएट, तीन सौ से अधिक स्टार्टअप और चालीस से अधिक वेंचर कैपिटलिस्ट्स और निवेशक शामिल थे। इस दौरान कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव सुधांश पंत ने किया। उनके साथ पैन आईआईटी एलुमनी इंडिया के चेयरमैन प्रभात कुमार भी मौजूद रहे। जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीडियो संदेश के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले 15 साल परिवर्तन और नवाचार के होंगे। नई इंडस्ट्रीज़ और नौकरियां सृजित होंगी, और राजस्थान इस परिवर्तन का अग्रणी केंद्र बनेगा। पेडल स्टार्ट पिचिंग अरेना ने राजस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम में नई ऊर्जा भरी। केवल चार दिनों में 700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 10 स्टार्टअप्स को 40 से अधिक निवेशकों के सामने पिच करने का अवसर मिला। इस सत्र में 1 करोड़ रुपए की हार्ड कमिटमेंट और 2 करोड़ रुपए की सॉफ्ट इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट्स की घोषणा हुई। इस आयोजन में मुख्य तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, नवाचार और समावेशी विकास पर मंथन किया गया। अलग – अलग सत्रों में विशेषज्ञों ने तकनीकी विकास और उसके सामाजिक प्रभावों पर गहन चर्चा की। आज जयपुर से यूनिकॉर्न बनाना सत्र में अमित जैन कार देखो और देवेंद्र अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा किए। जबकि रेत से सिलिकॉन तक सत्र में सेलेबल टेक के अनुपम गुप्ता ने 100 मिलियन से अधिक की सफलता की कहानी बताई। IRCTC के सीएमडी संजय कुमार जैन ने बताया कि तकनीकी प्रगति ने रेलवे टिकट बुकिंग प्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। अब IRCTC प्रति मिनट डेढ़ लाख टिकट बुक करने में सक्षम है। यह भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की वास्तविक ताकत को दर्शाता है। आयोजन समिति के प्रदीप गुगलिया ने कहा कि राजस्थान अब प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और दूरदर्शिता के समन्वय से विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है। राज्य एक उभरता हुआ नवाचार और उद्यमिता केंद्र बन चुका है। ऐसे में इस अनूठे आयोजन से आने वाला निवेश राजस्थान में स्टार्टअप ग्रोथ की गति को और आगे बढ़ाएगा। जयपुर में पहली बार हुए इस आयोजन को सफल बनाने वाली मुख्य आयोजन समिति के कन्वीनर मोहित सोनी थे। जबकि अकील कुरैशी, हितेश शर्मा, रजत चौधरी, आयुष अग्रवाल, कैलाश राठी समिति के सदस्य थे।