राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने जालंधर में पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान से मुलाकात की। बैठक में उन्होंने बुड्ढा दरिया, काला संघियां ड्रेन, चिट्टी वेईं और धुस्सी बांध पर सड़क बनाने से जुड़ी समस्याएं उठाईं। सीचेवाल ने डेयरियों से निकलने वाले गोबर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले डेयरी संचालक प्रति पशु 13 रुपए देकर गोबर उठवाते थे और यह काम नियमित होता था। डेयरी संचालकों ने गोबर उठवाना बंद किया सांसद के मुताबिक, नगर निगम लुधियाना ने गोबर उठाने का काम 3 साल के लिए 22 करोड़ रुपए के ठेके पर दिया। इसके बाद डेयरी संचालकों ने गोबर उठवाना बंद कर दिया। इससे पहले नगर निगम मुफ्त में गोबर उठवाता था। सीचेवाल ने कहा कि अधिकारियों ने यह मामला सीएम तक नहीं पहुंचाया था। काला संघियां ड्रेन पर सीचेवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 28 करोड़ रुपए खर्च कर शहर से गुजरने वाली 15 किलोमीटर लंबी ड्रेन पर पत्थर लगाए गए हैं। इसके बावजूद गंदा पानी ड्रेन में गिर रहा है। इसकी देखभाल के लिए 5 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं। चिट्टी वेईं में पानी छोड़ने की व्यवस्था ठीक नहीं सीचेवाल के मुताबिक, चिट्टी वेईं में 200 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए 1 करोड़ 19 लाख रुपए खर्च कर रेगुलेटर बनाया गया। इसे बने 2 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग ने नियमित रूप से पानी छोड़ने की व्यवस्था ठीक से लागू नहीं की है। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को बिस्त दोआब नहर से ड्रेन में 100 क्यूसेक पानी छोड़ना था, लेकिन अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक सड़क नहीं बनी उन्होंने बताया कि धुस्सी बांध पर गिद्दड़पिंडी से फिल्लौर तक 16 फुट चौड़ी सड़क बननी थी। सीचेवाल ने कहा कि ड्रेनेज विभाग ने बांध पर मिट्टी डालने से हाथ खींच लिए हैं। सड़क का निर्माण मंडी बोर्ड को करना है। संत सीचेवाल द्वारा उठाई गई समस्याओं को सुनने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने इन मामलों के समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाने का फैसला किया है, ताकि सभी समस्याओं का हल निकाला जा सके।
