उदयपुर में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में वोटरों ने पहले राउंड का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सबसे खास बात यह रही कि जिन दो सीटों पर पिछली बार भाजपा के प्रधान बने थे, वहां इस बार 10 से 13 फीसदी तक वोटिंग बढ़ी है। वहीं, कांग्रेस के कब्जे वाली सायरा सीट पर सबसे कम वोट पड़े हैं। अब सबकी नजरें 20 नवंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं। उदयपुर जिले में पंचायत और जिला परिषद चुनाव के दूसरे चरण में बुधवार को 6 पंचायत समितियों में वोटिंग हुई। इसमें पंचायत समिति सदस्यों के साथ ही इन इलाकों में आने वाले जिला परिषद सदस्यों के लिए भी वोट डाले गए। इसके तहत बड़गांव, सायरा, गोगुंदा और कोटड़ा के अलावा नई बनी सुलाव और देवला पंचायत समिति में भी पहली बार वोटिंग हुई। इस चुनाव का सबसे रोचक पहलू यह रहा कि दूसरे चरण की वोटिंग ने पहले चरण को पीछे छोड़ दिया। दूसरे राउंड में सभी 6 पंचायतों में औसत 69.48 फीसदी वोटिंग हुई, जो पहले चरण की 10 पंचायत समितियों के मुकाबले 2.60 फीसदी ज्यादा है। कोटड़ा में सबसे ज्यादा 78.15 फीसदी वोट पड़े। इसके उलट सायरा में सबसे कम 58.74 फीसदी वोटिंग हुई। एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि जिन दो पंचायत समितियों (बड़गांव और कोटड़ा) में पिछली बार भाजपा के प्रधान थे, वहां इस बार वोटिंग में 10 से 13 फीसदी से ज्यादा का भारी उछाल आया है। पहले चरण में हुई थी 66.88% वोटिंग, 20 नवंबर को रिजल्ट इससे पहले 23 अक्टूबर को उदयपुर जिले में पहले चरण की वोटिंग हुई थी। तब 10 पंचायत समितियों के सदस्यों और जिला परिषद के लिए औसत 66.88 फीसदी वोटिंग हुई थी। इन सभी सीटों का रिजल्ट एक साथ 20 नवंबर को आएगा। इसके बाद 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को पंचायत समिति में प्रधान के चुनाव होंगे। 4 नवंबर को तीसरे चरण में 4 जगह होगी वोटिंग उदयपुर जिले में कुल तीन चरणों में चुनाव होना है। दो चरण पूरे होने के बाद अब 4 नवंबर को तीसरे चरण के लिए वोटिंग होगी। इसमें खेरवाड़ा, नयागांव, ऋषभदेव और कल्याणपुर पंचायत समिति में वोटिंग होनी है। दूसरे चरण की 6 पंचायत समितियों में वोटिंग की तुलना शहर से सटे बड़गांव में 10 फीसदी ज्यादा हुई वोटिंग शहर से सटी बड़गांव पंचायत समिति में इस बार 71.16 फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि 6 साल पहले 2020 में यहां 60.9 फीसदी वोटिंग हुई थी। यानी इस बार सीधे 10 फीसदी से ज्यादा वोट बढ़े हैं। तब बड़गांव में भाजपा की प्रतिभा नागदा प्रधान बनी थीं। कांग्रेस वाली सायरा सीट पर इस बार भी कम रही वोटिंग दूसरे चरण में सबसे कम वोटिंग सायरा पंचायत समिति में देखने को मिली। सायरा में इस बार सिर्फ 58.74 फीसदी वोटिंग हुई है, जबकि पिछली बार यहां 59.16 फीसदी वोटिंग हुई थी। तब सायरा में कांग्रेस के सवाराम गमेती प्रधान बने थे। यह इकलौती ऐसी सीट रही जहां वोटिंग का आंकड़ा 60 फीसदी भी पार नहीं कर सका। कोटड़ा में सबसे ज्यादा वोटिंग, नई बनी देवला में भी उत्साह जिले की कोटड़ा पंचायत समिति में इस बार सबसे ज्यादा 78.15 फीसदी वोटिंग हुई है। वहीं, सुलाव में 68.38 फीसदी और गोगुंदा में 69.41 फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि पहली बार बनी देवला पंचायत समिति में 72.94 फीसदी वोटिंग हुई है। कोटड़ा में 13% का उछाल, गोगुंदा में पिछली बार जैसा माहौल इससे पिछले चुनाव 2020 से तुलना करें तो कोटड़ा में 13.62 फीसदी वोटिंग बढ़ी है। पिछली बार कोटड़ा में 64.53 फीसदी वोटिंग हुई थी और तब वहां भाजपा की सुगना देवी प्रधान बनी थीं। वहीं, गोगुंदा में पिछली बार 69.53 फीसदी वोटिंग हुई थी और भाजपा की सुन्दर देवी भील प्रधान बनी थीं। गोगुंदा में इस बार भी लगभग पिछली बार जितनी ही वोटिंग हुई है। देखें वोटिंग की तस्वीरें….
