पीजीआई से प्रॉपर्टी टैक्स के करोड़ों रुपए (24 करोड़) के बकाए की वसूली के लिए चंडीगढ़ नगर निगम एक्शन में आ गया है। निगम ने पीजीआई को तुरंत अपना बकाया टैक्स चुकाने के ऑर्डर दिए हैं। इसके अलावा पानी के बिल के बकाया, फायर सेफ्टी, कचरा प्रबंधन और पीजीआई कैंपस में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने जैसे मुद्दों पर स्ट्रेटजी बनी है। पीजीआई में फायर सेफ्टी इंतजाम अधूरे आज नगर निगम के कमिश्नर अमित कुमार ने पीजीआई के अधिकारियों से मीटिंग की। इस मौके पर चीफ फायर अफसर ने बताया कि पीजीआई की कई इमारतें बिना जरूरी फायर सेफ्टी सिस्टम और सर्टिफिकेटों के चल रही हैं। इस पर पीजीआई अधिकारियों ने बताया कि सीबीआरआई रुड़की द्वारा फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है और अब तक 16 इमारतों की जांच पूरी हो चुकी है। संस्थान ने भरोसा दिया कि वे दो महीने के भीतर फायर विभाग के सभी निर्देशों का पालन करेंगे। दो साल पहले लगी थी आग
पीजीआई में 9-10 अक्टूबर 2023 को आग लगी थी। आग से किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ था। इस दौरान UPS रूम (100 बैटरी) जलकर खाक हो गई थी। डायलिसिस यूनिट, किडनी वार्ड, मेटरनिटी, न्यूबॉर्न ICU, बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट प्रभावित हुए थे।
