रिटायरमेंट शब्द सुनते ही बुढ़ापे की दहलीज नजर आने लगती है। यह शब्द है तो उम्र के 60वें साल से जुड़ा मगर रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक मजबूती और खुशहाल जीवन के लिए जरूरी है कि इस बारे में गंभीर रूप से सोचना और तैयारी करना युवावस्था के दिनों से ही शुरू किया जाए, लेकिन क्या हो यदि आप मिडिल एज तक भी किन्हीं वजहों, नासमझी या महज अपनी लापरवाही के चलते रिटायरमेंट प्लानिंग न कर पाए हों?