फरीदकोट में 2015 के चर्चित बहिबल कलां गोलीकांड में जान गंवाने वाले शहीद गुरजीत सिंह सरावां के पिता साधू सिंह रविवार को औपचारिक रूप से ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ में शामिल हो गए। ऑफिसर क्लब में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान डिब्रूगढ़ जेल में बंद श्री खडूर साहिब से सांसद भाई अमृतपाल सिंह के पिता एवं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने साधू सिंह और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल करवाया। ‘सरकार बनने पर बेअदबी व गोलीकांड मामलों में दिलाएंगे इंसाफ’ समारोह को संबोधित करते हुए पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य में उनकी सरकार बनने पर बेअदबी और गोलीकांड की घटनाओं में सिख संगत और पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए पूरी गंभीरता से काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटना के विरोध में शांतमयी प्रदर्शन कर रहे दो सिख नौजवानों—किशन भगवान सिंह और गुरजीत सिंह सरावां की पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई थी। लंबा समय बीत जाने के बावजूद सिख संगत को आज तक इंसाफ नहीं मिला है, लेकिन कौम के लिए शहादत देने वाले नौजवानों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने साधू सिंह का आभार जताते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी को और मजबूती मिली है। साधू सिंह का AAP सरकार पर तीखा प्रहार—’सत्ता में आने के बाद सुध तक नहीं ली’ पार्टी की सदस्यता लेने के बाद साधू सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरपाल सिंह चीमा जैसे शीर्ष आप नेताओं ने उनके घर आकर जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने का बड़ा वादा किया था। लेकिन सत्ता संभालते ही सरकार अपने वादों से मुकर गई। साधू सिंह ने दर्द बयां करते हुए कहा कि अब तो आप नेता उनके घर के सामने से बिना हाल-चाल पूछे निकल जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेअदबी और गोलीकांड से जुड़े मामलों की सुनवाई चंडीगढ़ स्थानांतरित किए जाने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया।