पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र धूरी (जिला संगरूर) में घर-घर जाकर आम जनता से संवाद स्थापित करने का विशेष अभियान शुरू किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिना किसी राजनीतिक अथवा क्षेत्रगत भेदभाव के किए गए अभूतपूर्व विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड लेकर वे सीधे जनता के दरबार में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने हलके के निवासियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कायम करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति साझा की। पूर्व विधायक दलवीर गोल्डी हिरासत में दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के धूरी दौरे के मद्देनजर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दलवीर सिंह गोल्डी को समर्थकों सहित एहतियातन पुलिस हिरासत में ले लिया गया। पुलिस हिरासत से रिहा होने के उपरांत गोल्डी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
आवाज दबाने का लगाया आरोप दलवीर गोल्डी ने बताया कि वे धूरी क्षेत्र की लंबित समस्याओं और अधूरे पड़े विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष सवाल-जवाब करना चाहते थे, परंतु मुलाकात से पूर्व ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर बालियां पुलिस स्टेशन में बिठा दिया और मुख्यमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ही रिहा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पूर्व जनप्रतिनिधि के रूप में सरकार से जवाब मांगना उनका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। पुलिस बल के प्रयोग से विपक्ष की आवाज दबाने की कड़ी निंदा करते हुए गोल्डी ने स्पष्ट किया कि वे इस प्रकार की कार्रवाई या दबाव से डरने वाले नहीं हैं और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे।