झालावाड़ के एक युवक ने हिमाचल के कांगड़ा स्थित शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर परिसर में खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। करीब 70 फीसदी झुलसे युवक को टांडा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। परिवारिक विवाद के कारण युवक करीब सवा साल पहले घर छोड़कर चला गया था। परिवार ने उसे कई जगह ढूंढा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। उसका मोबाइल भी बंद आता था या व्यस्त रहता था। पहले देखिए घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें… गर्भगृह के बाहर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई एसपी देहरा (हिमाचल) संदीप धवल ने बताया- गुरुवार शाम करीब 7 बजे राजस्थान के झालावाड़ बस स्टैंड निवासी रामदास (40) पुत्र गजानंद ने मंदिर के गर्भगृह के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा ली। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मंदिर में मौजूद कर्मचारियों ने पानी डालकर आग बुझाई, लेकिन तब तक वह 70 फीसदी झुलस चुका था। युवक को एंबुलेंस से ज्वालामुखी अस्पताल ले जाया गया, जहां से टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सभी पहलुओं की जांच कर ही है पुलिस एसपी ने बताया- युवक के खुद को आग लगाने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक ने यह कदम क्यों उठाया। एंबुलेंस में बताया- अकेला दर्शन करने आया था 108 एंबुलेंस के पायलट संजय और ईएमटी विवेक शर्मा ने युवक को अस्पताल पहुंचाया। एंबुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और अपना नाम रामदास बता रहा था। उसने बताया कि वह अकेला ही मंदिर में दर्शन करने आया था। कर्मचारियों के मुताबिक, घर का पूरा पता बताते समय युवक की जुबान लड़खड़ा रही थी, लेकिन वह अपनी पहचान और पता बताने की कोशिश कर रहा था। अस्पताल पहुंचने तक वह बातचीत की स्थिति में था। सवा साल पहले घर छोड़कर चला गया था युवक के चाचा प्रहलाद चंदेल ने बताया- परिवार में मनमुटाव के चलते रामदास करीब सवा साल पहले घर छोड़कर चला गया था। परिवार के लोग उसको लगातार ढूंढ रहे थे, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। रामदास के पिता गजानंद की करीब 10 साल पहले ही मौत हो गई थी। रामदास पहले कबाड़ी की दुकान करता था। इसके बाद झालावाड़ में जेल रोड पर कपड़े की भी दुकान खोली थी। उसकी शादी रायपुर निवासी सलोनी से हुई थी। सलोनी झालावाड़ नगर परिषद में सफाईकर्मी के तौर पर काम करती है। दोनों का 12 साल का बेटा रुद्र है। बेटी की मौत हो चुकी है। परिजनों को कोतवाली पुलिस से रात में घटना की जानकारी मिलने के बाद वे हिमाचल प्रदेश के लिए निकल गए।