झालावाड़ जिले के अकलेरा के ल्हास गांव में 12 घंटे के अंदर 2 सगे भाइयों की मौत हो गई। गांव के मांगीलाल जाटव (55) को गुरुवार देर रात करीब 12 बजे अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें अकलेरा के प्राइवेट हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह मांगीलाल के अंतिम संस्कार के बाद उनके छोटे भाई रामबिलास जाटव (45) दोपहर में अचानक अचेत हो गए। हॉस्पिटल जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। 2 महीने पहले उनके तीसरे भाई की भी जान चली गई थी। परिजनों ने तीनों मौतों का कारण हार्ट अटैक बताया है। 12 घंटे के अंदर 2 भाइयों की मौत मांगीलाल के अंतिम संस्कार के बाद उनके छोटे भाई रामबिलास जाटव (45) घर लौटे। दोपहर में वे आराम कर रहे थे, तभी अचानक अचेत हो गए। जब उनमें कोई हलचल नहीं दिखी, तो परिजन उन्हें अकलेरा के सरकारी हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। परिवार ने 2 महीने में 3 बेटों को खोया परिजनों ने बताया कि जुलाई महीने में सबसे छोटे भाई चैनसिंह जाटव (40) की भी मौत हो गई थी। वे सोयाबीन की बुवाई के लिए खेत पर गए थे, जहां अचानक अचेत हो गए थे। उन्हें भी अकलेरा हॉस्पिटल ले जाया गया था। सरकारी हॉस्पिटल में उनका पोस्टमॉर्टम भी हुआ था। दो महीने में 3 बेटों को खोने से परिवार गहरे सदमे में है। अचानक मौत के मामले में हार्ट अटैक की संभावना एसआरजी हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक राठौर ने बताया कि इस तरह अचानक मौत होने के मामलों में हार्ट अटैक की संभावना हो सकती है। कई बार व्यक्ति को पहले से कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन केवल घटना के विवरण के आधार पर मौत का कारण निश्चित नहीं किया जा सकता। मौत का वास्तविक कारण उन डॉक्टरों की जांच और उपचार संबंधी रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा, जिन्होंने मरीजों को देखा हो। …. ये खबर भी पढ़िए… पति-पत्नी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार:रात में दोनों सोए, सुबह उठे नहीं, ग्रामीण बोले- 45 साल में कभी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा करीब 5 महीने पहले 45 साल साथ रहे पति-पत्नी ने एक साथ दम तोड़ दिया था। उनकी अंतिम विदाई भी एक ही चिता पर हुई थी। यह देखकर श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरी खबर पढ़िए…
