झुंझुनूं नगर परिषद में सभापति पद को लेकर तस्वीर अब सामने आ गई है। सभापति पद के लिए कांग्रेस की ओर से वार्ड 41 से निर्वाचित अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान और भाजपा की ओर से वार्ड 49 से निर्वाचित मनु धनकड़ ने आवेदन दाखिल किया है। नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई है। बहुमत के लिए 31 पार्षदों की जरूरत है। कांग्रेस को बहुमत के लिए केवल एक पार्षद के समर्थन की जरूरत है। निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा अब्दुल्ला अगवान के प्रस्तावक बने हैं। इसके अलावा कई निर्दलीय पार्षदों के कांग्रेस के साथ होने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर भाजपा के 15 पार्षद जीतकर आए हैं। भाजपा को बोर्ड गठन के लिए 16 पार्षद के समर्थन की जरूरत है। अब्दुल्ला अगवान: लगातार दूसरी जीत, 734 वोट की लीड अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान इस चुनाव में वार्ड 41 से कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। 48 वर्षीय अब्दुल्ला बीए ग्रेजुएट हैं। 2026 के चुनाव में उन्होंने 1,003 वोट हासिल किए और निर्दलीय प्रत्याशी अबरार अहमद को 734 वोट से हराया। सभापति पद की दावेदारी में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका चुनावी प्रदर्शन और लगातार दो बार कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करना है। निर्दलीय से कांग्रेस का सफर अब्दुल्ला का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू नहीं हुआ। उन्होंने 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नगर परिषद चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ हो गए। 2019 में कांग्रेस ने वार्ड के मौजूदा पार्षद इकबाल जाजोदिया का टिकट बदलकर अब्दुल्ला अगवान को प्रत्याशी बनाया। अब्दुल्ला ने चुनाव जीतकर पार्टी के भरोसे को कायम किया। इसके बाद 2026 में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और वार्ड 41 से टिकट दिया। उन्होंने इस बार भी जीत दर्ज की और जीत का अंतर भी काफी बड़ा रहा। उनकी पत्नी शबाना अगवान को वार्ड 53 से कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था, हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सकीं। पति-पत्नी दोनों को टिकट मिलने से स्थानीय स्तर पर अब्दुल्ला के राजनीतिक प्रभाव की चर्चा भी हुई। अब्दुल्ला अगवान को स्थानीय कांग्रेस की राजनीति में सांसद बृजेन्द्र ओला के करीबी नेताओं में गिना जाता है। भाजपा के मनु धनकड़: पहली बार चुनाव, पहली ही कोशिश में बड़ी जीत भाजपा ने सभापति पद के लिए वार्ड 49 से निर्वाचित मनु धनकड़ पर दांव लगाया है। मनु पेशे से सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) हैं और उन्होंने पहली बार नगर परिषद का चुनाव लड़ा था। पहली ही राजनीतिक चुनावी पारी में उन्होंने जीत दर्ज कर सीधे सभापति पद के मुकाबले में जगह बनाई है। मनु धनकड़ का सबसे बड़ा राजनीतिक परिचय यह है कि वे झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू के दामाद हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी वार्ड 49 में यह रिश्ता राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा। वार्ड 49 में मनु धनकड़ ने 651 वोट हासिल किए और निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. कमलचंद सैनी को 400 वोट के अंतर से हराया। यानी पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ने वाले मनु ने अपने वार्ड में सीधे जीत दर्ज की और अब भाजपा ने उन्हें सभापति पद के लिए मैदान में उतारा है। भाजपा-कांग्रेस की रणनीति कांग्रेस का गणित: 30 अपनी सीटें, एक की जरूरत 60 सदस्यीय नगर परिषद में कांग्रेस के 30 पार्षद जीतकर आए हैं। बहुमत का आंकड़ा 31 है। यानी कांग्रेस बहुमत से केवल एक सीट दूर है। कांग्रेस के लिए यह एक ऐसा गणित है जिसमें बोर्ड बनाने के लिए उसे अपने 30 पार्षदों के अलावा केवल एक और पार्षद का समर्थन चाहिए। निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा का अब्दुल्ला अगवान के आवेदन में प्रस्तावक बनना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत है। डारा के समर्थन से 31 का फेर चुनाव से पहले ही वीरेंद्र डारा का नाम कांग्रेस के साथ जुड़ने की चर्चा में रहा था। अब सभापति पद के आवेदन में प्रस्तावक बनने से उनके रुख को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हुई है। इसके अलावा कांग्रेस खेमे की ओर से करीब 4 से 6 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की बात कही जा रही है। यदि ये समर्थन सभापति चुनाव में कायम रहता है तो कांग्रेस के पास बहुमत के आंकड़े से अधिक संख्या हो सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर सभापति पद के चुनाव में पार्षदों के वास्तविक मतदान और आधिकारिक प्रक्रिया के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। भाजपा का गणित: 15 सीटें, 16 और पार्षद की तलाश भाजपा के खाते में 15 सीटें आई हैं। कांग्रेस के 30 के मुकाबले भाजपा आधी सीटों पर है। बहुमत के लिए 31 पार्षदों की जरूरत होने के कारण भाजपा को बोर्ड गठन के लिए बड़ी संख्या में निर्दलीयों का समर्थन जुटाना होगा। लेकिन सभापति पद के लिए भाजपा ने मनु धनकड़ को उतारकर मुकाबले को औपचारिक रूप से दोतरफा बना दिया है। पढ़ें मियाद नॉमिनेशन से जुड़ी ये खबर भी… झुंझुनूं में मेयर के 3 नॉमिनेशन, कांग्रेस ने 2 भरवाए:भाजपा से मनु धनकड़ पहुंचे, कांग्रेस से अब्दुल्ला अगवान का नाम झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम आने के बाद अब सभापति पद को लेकर नामांकन हुए। पढ़ें पूरी खबर…