UPI पर चार्ज लगाने की चर्चा ने अब एक नई बहस छेड़ दी है। भारत पे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर ने संभावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर यूपीआई पेमेंट पर फीस शुरू हुई तो इसका असर सीधे ग्राहकों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। ग्रोवर का कहना है कि यूपीआई की सबसे बड़ी ताकत ही इसका फ्री होना है। अगर बड़े पेमेंट पर चार्ज लगने लगा तो ग्राहक और व्यापारी दोबारा कैश की ओर जा सकते हैं। इससे एक तरफ डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की कोशिशों को झटका लग सकता है, वहीं बैंकों और कारोबारियों पर कैश संभालने का खर्च भी बढ़ सकता है
