पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने रंजीत एवेन्यू में चैकिंग के दौरान मर्सिडीज को रोक हथियार व गोलियां बरामद की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कार चला रहे युवक पर मामला दर्ज कर लिया, लेकिन जांच में सामने आया कि वे हथियार लाइसेंसी था। जिसके बाद परिवार ने अपने बेटे को कोर्ट से बा-इज्जत बरी करवा लिया। मामला बीते दिन का है। एएसआई निरमंदर सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम अजनाला रोड पर चेकिंग कर रही थी। तभी एक काली मर्सिडीज C220D तेज रफ्तार से आती दिखी। कार रोकने पर चालक की पहचान अर्शित (बदला हुआ नाम) न्यू अमृतसर के रूप में हुई। तलाशी के दौरान कार की आगे की सीट पर पड़ा एक काला हैंडबैग पुलिस को मिला। जब उसे खोला गया तो उसमें हथियार रखा हुआ था। मर्सिडीज से मिला हथियार- जब पुलिस ने लाइसेंस मांगा, तो चालक कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसने उसके परिवार से संपर्क करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। जांच में आया ट्विस्ट जांच आगे बढ़ी, तो मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई। मामले में न तो कोई गवाह मिला, न ही पुलिस यह साबित कर सकी कि हथियार अवैध थे। आरोपी ने अदालत में दावा किया कि हथियार उसके पिता के नाम पर लाइसेंसप्राप्त हैं। उसने अदालत में लाइसेंस की प्रति भी पेश की। अदालत ने युवक को किया रिहा अदालत ने जब दस्तावेजों की जांच की, तो पाया कि वाकई में हथियार वैध लाइसेंस पर जारी थे। इस आधार पर अदालत ने अर्शित को आरोपों से बरी (डिस्चार्ज) कर दिया। पुलिस की जिस कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी बताया जा रहा था, वही अब विवाद में बदल गई।